Fact Check: मोदी ने भगवान को पानी में डुबोने की नहीं कही बात, वीडियो आधा-अधूरा है
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2012 का नरेंद्र मोदी का एक आधा-अधूरा वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ वायरल हो रहा है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Sep 1, 2026 at 05:42 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की एक वीडियो क्लिप काफी वायरल हो रही है। इस वीडियो में पीएम मोदी को कथित रूप से यह कहते हुए दिखाया गया है कि सभी भगवानों को पानी में डुबोकर केवल भारत माता की पूजा करनी चाहिए। इस भाषण को पीएम मोदी का भाषण मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने देवी देवताओं का अपमान किया है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। यह दावा भ्रामक साबित हुआ। दरअसल, वायरल वीडियो एडिटेड है। नरेंद्र मोदी 2012 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर ‘स्वामी विवेकानंद युवा सम्मेलन’ में बोलते हुए विवेकानंद के भाषण के बारे में लोगों को बता रहे थे। वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके गलत संदर्भ के साथ शेयर किया गया है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Wg Cdr Anuma Acharya’ ने 26 अगस्त 2026 को एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा, “मोदी जी ने कहा था कि सारे भगवानों को पानी में डुबो दो… और इसीलिए उन्होंने पूरे शहर में पानी-पानी भरवा दिया है, संसद में भी पानी भरवा दिया है कि आपको भगवानों को डुबोने के लिए इधर-उधर न जाना पड़े। ये मैं नहीं कह रही हूँ, ये भक्त कह रहे हैं।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें इस संदर्भ में सबसे पुराना वीडियो 12 जनवरी 2012 को अपलोड किया हुआ मिला। इसे नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया था।
वीडियो में मोदी कहते हैं, “1902 में स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था, जीवन के अंतकाल में कहा था कि मेरे देशवासियों, आप बहुत सारे भगवानों की पूजा करते हो, ईश्वर के पीछे आप पागल हो। सुबह-शाम आरती, धूप, माला जप करते रहते हो। समय की मांग है। देखिए, जो इंसान अपनी जवानी भगवान को पाने के लिए पागल की तरह खपा चुका था, जीवन के अंतकाल में पहुंचते समय दुनिया को कहता है, हिंदुस्तान को कहता है कि तुम्हारे जो भगवान हैं, तुम जो ईश्वर के पीछे पागल बैठे हो, इन सारे के सारे भगवानों को पानी में डुबो दो। कल्पना कर सकते हो, जिस व्यक्ति ने घर छोड़ा था ईश्वर को पाने के लिए, वह संसार छोड़ने से पहले कहता है कि तुम अपने सारे ईश्वर को पानी में डुबो दो और समय की मांग है- एकमात्र आराध्य देव हो तुम्हारा, एक ही तुम्हारी माता हो, एक ही तुम्हारा ईश्वर हो, एक ही तुम्हारी शक्ति हो, और वो हो मां भारती। तुम भारत मां की पूजा करो, सारे देवी-देवताओं को डुबो दो। मित्रों, अध्यात्म की यात्रा कहां से कहां ले जाती है। एक 40 साल का तरुण संन्यासी, जो घर छोड़कर निकला ईश्वर को पाने के लिए, वो दुनिया को कहने का सामर्थ्य ले लेता है कि तुम डुबो दो अपने ईश्वर को, मां भारती की सेवा करो। एक ही तुम्हारा आराध्य हो।”
वीडियो में पीएम को यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “भाइयों-बहनों, अगर हम लोगों ने स्वामी विवेकानंद की इन बातों को स्वीकार कर लिया होता, 100 करोड़ देशवासी मां भारती के लिए अपने आप को खपा देते, तो आज दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में हम होते, दुनिया के सबसे सर्वोपरि देश में होते। क्या हम विवेकानंद के उन सपनों को पूरा नहीं कर सकते? हम तय करें, दोस्तों, जिन्होंने अपना जीवन खपा दिया, आध्यात्मिक चेतना प्रकट हुई थी, उनसे कुछ हम भी तो सीख सकते हैं।”
पूरा वीडियो देखने से स्पष्ट हुआ कि वायरल क्लिप इस असली वीडियो के 13:29 से 15:56 मिनट के बीच का भाग है। इसमें से अलग-अलग हिस्सों को एडिट करके और विवेकानंद के संदर्भ को हटाकर वायरल क्लिप तैयार की गई है।
वीडियो में मंच पर हमें गुजराती भाषा में ‘स्वामी विवेकानंद युवा परिषद’ लिखा हुआ नजर आया। इसके अलावा इसमें गांधीनगर का भी जिक्र था। इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्यक्रम गुजरात के गांधीनगर में आयोजित हुआ था।
विश्वास न्यूज ने इसके आधार पर कुछ कीवर्ड बनाकर गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च किया। हमें ‘द हिंदू’ की एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि गुजरात सरकार ने स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष 2012 को ‘युवा शक्ति वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।
विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. विजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि नरेंद्र मोदी का वायरल वीडियो एडिटेड है। स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए नरेंद्र मोदी ने वायरल वीडियो वाली बात कही थी।
क्या है संदर्भ?
बेलूर मठ की वेबसाइट के अनुसार, स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्ता वकील थे। उनकी मां का नाम भुवनेश्वरी देवी था। स्वामी विवेकानंद का 4 जुलाई 1902 को निधन हुआ था।
अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यूजर को फेसबुक पर सात लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2022 में बनाया गया था। यूजर मध्य प्रदेश के विदिशा में रहती हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2012 का नरेंद्र मोदी का एक आधा-अधूरा वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ वायरल हो रहा है। मोदी तब स्वामी विवेकानंद के भाषण का संदर्भ देते हुए वायरल वीडियो वाली बात कर रहे थे। इसी पुराने वीडियो के एक हिस्से को संदर्भ से काटकर यह दिखाने के लिए शेयर किया जा रहा है कि मोदी ने भगवान का अपमान किया है।
- Claim Review : नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवी-देवताओं को पानी में डुबो दो।
- Claimed By : FB User Wg Cdr Anuma Acharya
- Fact Check : भ्रामक
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