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Fact Check: नेपाल में चट्टान पर तराशी गई शालिग्राम शिला बाढ़ में निकली हुई बताकर वायरल

नेपाल के जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे चट्टान को तराशकर बनाई गई शालिग्राम शिला के वीडियो को बाढ़ से निकली शिला बताकर वायरल किया जा रहा है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक विशाल शिला को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि नेपाल में मुक्तिनाथ धाम के पास 31 टन का विशाल शालिग्राम पत्थर मिला है।

विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि यह शालिग्राम शिला एक चट्टान पर बनाई गई है और यह प्राकृतिक नहीं है। जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे 20 अप्रैल से 4 मई 2026 तक चली मूर्तिकला कार्यशाला में मूर्तिकारों ने एक चट्टान को तराशकर इसे बनाया था। इसके वीडियो को शेयर कर भ्रामक दावा किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टाग्राम यूजर ‘high.reports’ ने 27 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “नेपाल में मुक्तिनाथ धाम के पास मिला 31 टन का विशाल शालीग्राम स्टोन।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने इसके कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया। इंस्टाग्राम यूजर ‘aarjunssingh9’ ने 7 जून 2026 को वायरल वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “मुस्तांग के जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे पत्थर से बनी 22 फीट ऊंची शालिग्राम की एक विशाल मूर्ति स्थापित है। जगद्गुरु शंकराचार्य महास्वामी विदुशेखर भारती द्वारा उद्घाटन की गई यह विशाल रचना बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है और नेपाल में एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में स्थित है।”

इससे साफ होता है कि वायरल वीडियो नेपाल में आई बाढ़ से पहले का है।

नेपाल के न्यूज पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ की वेबसाइट पर 30 जून 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस शिला की तस्वीर अपलोड की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, “जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे एक चट्टान पर बनाई गई 22 फुट ऊंची शालिग्राम शिला की मूर्ति धार्मिक आस्था का केंद्र बनती जा रही है। नेपाल एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के मूर्तिकारों ने 20 अप्रैल से 4 मई तक जोमसोम में आयोजित 15 दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला के दौरान कालीगंडकी नदी के किनारे एक विशाल चट्टान को शालिग्राम शिला के आकार की मूर्ति में बदला था। कार्यशाला में हिस्सा लेने वाले मूर्तिकारों ने कालीगंडकी नदी के किनारे मौजूद बड़े पत्थरों से कई अलग-अलग कलात्मक मूर्तियां बनाईं, जिनमें शालिग्राम शिला, भगवान शिव, पार्वती, विष्णु, बुद्ध, हिमालयी हिम तेंदुआ, हिमालयी भेड़, बौद्ध स्तूप, मणि, चोर्टेन और अन्य कलाकृतियां शामिल हैं।”

वायरल वीडियो के कीफ्रेम और रिपोर्ट में अपलोड की गई तस्वीर एक सी हैं। इनमें पीछे की इमारतें और लोकेशन एक जैसे हैं।

‘हिमालया टाइम्स’ की वेबसाइट पर भी 30 जून 2026 को इससे संबंधित खबर छपी थी। इसमें भी बताया गया है कि मूर्तिकारों ने जोमसोम में एक कार्यशाला में एक चट्टान को तराशकर शालिग्राम शिला का रूप दिया।

इस बारे में हमने ‘लुंबिनी राइज’ के संपादक विनोद परियार से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह शिला नेपाल में आई बाढ़ में नहीं मिली है। एक कार्यशाला के दौरान इसे मूर्तिकारों ने तराशा था।

क्या है संदर्भ?

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,050 पहुंच गई है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। अभी तक 11,993 लोगों को बचाया गया है।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की 2 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के शुरुआती आकलन के अनुसार पिछले हफ्ते नेपाल के भोटेकोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली में आई बाढ़ और मलबे के बहाव से प्रभावित जिन इलाकों का विश्लेषण किया गया, वहां लगभग 22 लाख टन मलबा जमा हो गया है।”

‘ऑनलाइन खबर’ की 2 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने बताया है कि आज भोटेकोशी, त्रिशूली और आस-पास की नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है और अचानक बाढ़ आने का भी बहुत ज्यादा खतरा है। विभाग की बाढ़ विशेषज्ञ सरस्वती बिस्टा ने कहा कि नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र के पास एक झील बन गई है। यह झील कभी भी फट सकती है इसलिए हम आम जनता से अपील कर रहे हैं कि वे अगली सूचना तक बहुत ज्यादा सतर्क रहें।”

आजतक की 2 फरवरी 2023 की रिपोर्ट में लिखा है कि नेपाल की काली गंडकी नदी से निकाली गई शालिग्राम शिलाओं को भगवान राम की मूर्ति के निर्माण के लिए लाया गया था। शालिग्राम शिला को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है।

वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। अप्रैल 2026 में बने इस इंस्टाग्राम अकाउंट के करीब 49 हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: नेपाल के जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे चट्टान को तराशकर बनाई गई शालिग्राम शिला के वीडियो को बाढ़ से निकली शिला बताकर वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : नेपाल में मुक्तिनाथ धाम के पास मिला 31 टन का विशाल शालीग्राम स्टोन।
  • Claimed By : Insta User- high.reports
  • Fact Check : भ्रामक

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