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Fact Check: राहुल गांधी के ख‍िलाफ फेक पोस्‍ट वायरल, दैनिक जागरण का नहीं है फ्रंट पेज

विश्वास न्‍यूज की जांच में दैन‍िक जागरण के फ्रंट पेज के नाम पर वायरल हो रहा पेज फर्जी साब‍ित हुआ। इसे एआई की मदद से बनाकर झूठ फैलाया गया है। दैन‍िक जागरण ने ऐसी कोई खबर प्रकाश‍ित नहीं किया है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Oct 2, 2026 at 03:13 PM
  • Updated: Oct 2, 2026 at 03:31 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा में व‍िपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर सोशल मीड‍िया पर ‘दैन‍िक जागरण’ का एक कथित फ्रंट पेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें राहुल गांधी के ख‍िलाफ एक खबर छपी है। इस खबर में लिखा है क‍ि देश में हंगामा, दंगा और अराजकता फैलाने के ल‍िए राहुल गांधी ने चीन से 12 करोड़ और अमेर‍िका से 5 करोड़ रुपये ल‍िए हैं। इसे दैन‍िक जागरण का फ्रंट पेज मानकर कई सोशल मीड‍िया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने व‍िस्‍तार से इस पोस्ट की जांच की। हमारी जांच में पता चला कि वायरल फ्रंट पेज दैन‍िक जागरण का नहीं है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट फर्जी साब‍ित हुई। इस पेज को एआई की मदद से झूठ फैलाने के मकसद से तैयार किया गया है।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर ‘DeshBhakt’ ने 1 अक्‍टूबर 2026 को एक फेक फ्रंट पेज शेयर करते हुए लिखा, “राहुल गांधी ने देश को तोड़ने के लिए और देश का माहौल खराब करने के लिए चीन और अमेरिका से बहुत बड़ा डील हुआ है जिसमें राहुल गांधी को 15 करोड़ से ज्यादा दिया गया है?”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल दावे की सच्‍चाई जानने के ल‍िए दैन‍िक जागरण के नाम पर वायरल हो रहे फ्रंट पेज को ध्‍यान से देखा। इसमें 17 स‍ितंबर 2026 की तारीख और ‘राष्‍ट्रीय संस्‍करण’ ल‍िखा हुआ नजर आया। इसके आधार पर हमने सबसे पहले दैन‍िक जागरण की वेबसाइट पर जाकर 17 स‍ितंबर 2026 का नेशनल एड‍िशन चेक क‍िया। मूल राष्‍ट्रीय संस्‍करण में राहुल गांधी के नाम पर वायरल हो रही कोई खबर प्रकाश‍ित नहीं की गई है। इससे यह स्‍पष्‍ट हो गया क‍ि वायरल फ्रंट पेज पूरी तरह से फेक है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली। जागरण के वायरल फ्रंट पेज को हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘Zero GPT’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर के लिए 71 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है।

इसी तरह तस्वीर को ‘Image Detector’ टूल की मदद से भी चेक किया गया। इसके एनालिसिस में वायरल फ्रंट पेज के एआई से बने होने के करीब 71 फीसदी संकेत मिले।

हमने वायरल पोस्‍ट में इस्‍तेमाल क‍िए गए फ्रंट पेज को डीपफेक डिटेक्शन टूल ‘Pangram’ की मदद से भी चेक किया। इसके एनालिसिस में वायरल फ्रंट पेज के पूरी तरह से एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि हुई।

विश्वास न्‍यूज ने अधिक जानकारी के लिए वायरल फ्रंट पेज को एआई एक्सपर्ट डॉ. अजहर माचवे के साथ शेयर क‍िया। उन्‍होंने भी इसे फेक बताया।

क्या है संदर्भ?

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने प‍िछले द‍िनों अपनी एक खोजी र‍िपोर्ट में मतदाता सूची में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ अभियान (एसआईआर), वोटर डेटा और फॉर्म-6 समेत कुछ मुद्दों पर चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेदों का दावा क‍िया था। इस रिपोर्ट के वायरल होने के बाद राहुल गांधी समेत अन्‍य व‍िपक्षी दलों के नेता मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के इस्‍तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस कई सालों से चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाती रही है। 2 अक्‍टूबर 2026 को द‍िल्‍ली में आम आदमी पार्टी और कुछ स्टूडेंट यूनियन ने ज्ञानेश कुमार के ख‍िलाफ विरोध-प्रदर्शन क‍िया। इससे पहले कांग्रेस व अन्‍य दलों ने भी इस मुद्दे के खिलाफ प्रदर्शन क‍िया था। ‘आजतक’ की 28 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत कई संगठनों ने देशभर में प्रदर्शन किए थे।

चुनाव आयोग के एक्स हैंडल पर 26 सितंबर 2026 को एक प्रेस नोट पोस्ट किया गया था। इसके अनुसार, “हाल के महीनों में आयोग ने देशभर में SIR सहित कई निर्णय लिए हैं। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 24.6.2025 को जारी SIR का आदेश, जिसकी शुरुआत बिहार से हुई और बाद में इसे पश्चिम बंगाल तथा 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया, आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का कार्यक्रम 27.10.2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14.05.2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था।”

जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर को 2.7 हजार से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यह अकाउंट फरवरी 2024 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्‍यूज की जांच में दैन‍िक जागरण के फ्रंट पेज के नाम पर वायरल हो रहा पेज फर्जी साब‍ित हुआ। इसे एआई की मदद से बनाकर झूठ फैलाया गया है। दैन‍िक जागरण ने ऐसी कोई खबर प्रकाश‍ित नहीं किया है।

  • Claim Review : राहुल गांधी ने देश को तोड़ने के लिए अमेर‍िका और चीन से पैसा लि‍या।
  • Claimed By : FB User DeshBhakt
  • Fact Check : झूठ

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