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Fact Check: मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में मिलाकर पीने से आखिरी स्टेज के कैंसर के सही होने का दावा गलत

मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में मिलाकर उसे पकाकर सुबह-शाम पीने से आखिरी स्टेज के कैंसर के ठीक होने का दावा गलत है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। आखिरी स्टेज के कैंसर के इलाज के नाम से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक शख्स दावा कर रहा है कि मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में मिलाकर उसे पकाने के बाद पीने से आखिरी स्टेज का कैंसर ठीक हो सकता है।

विश्वास न्यूज ने इसकी पड़ताल के दौरान एक्सपर्ट्स से बातचीत की। उनका कहना है कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में मिलाकर पीने से चौथे स्टेज का कैंसर सही होने का दावा गलत है।

वायरल पोस्ट

इंस्टाग्राम यूजर powerofislamindia ने 5 फरवरी को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इसके जरिए दावा किया जा रहा है कि मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में पकाकर सुबह-शाम पीने से आखिरी स्टेज का कैंसर ठीक हो जाएगा। इस पोस्ट को 6 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है।

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड से इस बारे में सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट या अध्ययन नहीं मिला, जिससे इसकी पुष्टि हो सके। अमेरिकी सरकार की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, कई अध्ययनों के मुताबिक, कई मसाले कैंसर की रोकथाम और उपचार के संभावित स्रोत हैं, जैसे कि हल्दी, काला जीरा, अदरक, लहसुन, केसर और काली मिर्च। हालांकि, इसमें वायरल दावे के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है।

मैक्स हेल्थकेयर में ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मीनू वालिया के हवाले से छपी रिपोर्ट में दिया गया है, “दालचीनी के अर्क में कैंसर रोधी प्रभाव हो सकता है। यह ट्यूमर के विकास और फैलाव को कम करने में सहायक हो सकता है।” हालांकि, इसमें भी वायरल दावे से संबंधित कोई रिपोर्ट नहीं है।

इस बारे में हमने मैक्स वैशाली के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. रोहित कपूर से भी संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे को गलत बताया। उन्होंने हमारे साथ एक स्टडी शेयर की, जिसके अनुसार गैस्ट्रिक कैंसर की रोकथाम के लिए मसालों की उपयोगिता पर चर्चा की गई है। इनमें हल्दी, अदरक, लहसुन, काला जीरा, काली मिर्च, गंगाजल, धनिया, वसाबी, अजवायन, मेथी, अजवायन और लौंग शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर के उपचार के लिए पारंपरिक कीमोथेरेपी के विकल्प के रूप में इनका उपयोग नहीं किया जा सकता है।

वहीं, अपोलो अस्पताल नोएडा के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. मनीष सिंघल ने भी इस दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है।

दावे की जांच के लिए हमने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स से भी संपर्क किया। डॉक्टर शिंदे आयुर्वेदिक कैंसर केयर क्लीनिक के डॉ. मयंक शिंदे का कहना है कि मेथी, दालचीनी, इलायची और लौंग को पानी में मिलाकर उन्हें पकाने के बाद पीने से आखिरी स्टेज का कैंसर सही नहीं हो सकता है। यह गलत है।

वहीं, कैंसर कंसल्टेंट एवं एमडी (आयुर्वेद) डॉ. मनीष सिंह तोमर का कहना है कि इस तरह का कोई प्रमाण नहीं है, इसलिए इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। मसाले कैंसर के रोकथाम के सहायक हो सकते हैं, लेकिन इसका भी कोई प्रमाण नहीं है। इसको लेकर रिसर्च चल रही है। बिना किसी प्रमाण के हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

गलत दावा करने वाले इंस्टाग्राम यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। यूजर ने अपने अकाउंट से कई बीमारियों के इलाज के दावे वाले वीडियो पोस्ट किए हैं।

निष्कर्ष: मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में मिलाकर उसे पकाकर सुबह-शाम पीने से आखिरी स्टेज के कैंसर के ठीक होने का दावा गलत है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • Claim Review : मेथी, लौंग, इलायची और दालचीनी को पानी में पकाकर सुबह-शाम पीने से आखिरी स्टेज का कैंसर ठीक हो जाएगा।
  • Claimed By : Insta User- powerofislamindia
  • Fact Check : झूठ

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