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Fact Check: स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के ऑफर के नाम पर वायरल लिंक फर्जी

स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के नाम पर लिंक को शेयर कर किया  जा रहा दावा गलत है। दोनों ही पोस्ट में दिया गया ऑफर और लिंक फर्जी है। सरकार और फोन पे की तरफ से इस तरह का कोई ऑफर नहीं दिया जा रहा है। फर्जी लिंक को फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश में जैसे ही कोई बड़ा इवेंट या त्यौहार होता है। स्कैमर उससे जोड़कर कोई फर्जी पोस्ट वायरल करना शुरू कर देते हैं। ऐसी ही दो पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पहली पोस्ट में एक लिंक को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत सरकार की तरफ से सभी को दो  हजार रुपये दिये जा रहे हैं। वहीं, दूसरी पोस्ट में कहा जा रहा है कि रक्षाबंधन की खुशी में फोन पे की तरफ से पांच हजार रुपये का इनाम दिया जा रहा है। पैसों को खाते में पाने के लिए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। दोनों ही पोस्ट में दिया गया ऑफर और लिंक फर्जी है। सरकार और फोन पे की तरफ से इस तरह का कोई ऑफर नहीं दिया जा रहा है। फर्जी लिंक को फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘इंडिया ₹5000’ने पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “आपने फोनपे से ₹5000 कैशबैक जीता है।” 

पोस्ट पर लिखा हुआ है, “स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत सरकार की तरफ से सभी को सबसे बड़ा तोहफा ₹2000 खाते में क्लिक करें और पैसे तुरंत अपने खाते में पाएं।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

फेसबुक यूजर ‘इंडिया ₹5000’ने पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “आपने फोनपे से ₹5000 कैशबैक जीता है।” पोस्ट पर लिखा हुआ है, “बधाई हो सभी भाई और बहन को रक्षाबंधन की खुशी पर फोन पे की तरफ से इनाम मिला है ₹5000 पैसे खाते में लेने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

सरकार अलग-अलग वर्ग के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती है। लेकिन किसी भी देश की सरकार कैशबैक जैसी कोई योजना नहीं चलाती है। ऐसे में हमने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए भारत सरकार की कई वेबसाइट को हमने खंगाला, लेकिन हमें कहीं भी इस तरह की योजना नहीं मिली।

हमने पीएम मोदी और भारत सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जाकर भी इस बारे में चेक किया। हमें वहां पर भी दावे से जुड़ी कोई पोस्ट नहीं मिली।

दूसरी पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने फोन पे की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला। वहां पर इस ऑफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने दोनों पोस्ट में मौजूद यूआरएल को चेक किया। हमने पाया कि वायरल पोस्ट में दिया गया यूआरएल पीएमओ ऑफर लाइव डॉट एक्स वाई जेड है, जबकि  भारत सरकार के यूआरएल में गवर्नमेंट डॉट इन होता है। वहीं, फोन पे की वेबसाइट का यूआरएल फोन पे डॉट कॉम है। ये साफ होता है कि वायरल लिंक फर्जी है। 

अधिक जानकारी के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट किसलय चौधरी से संपर्क किया।  उन्होंने हमें बताया कि हैकर्स इसी तरह से ठगी करते हैं। वो इसी तरह की लुभावनी पोस्ट के जरिए यूजर को लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। एक बार यूजर लिंक पर क्लिक कर देता है, तो वो उसका डेटा चोरी कर लेते हैं या फिर उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।

सोशल मीडिया पर पहले भी इस तरह के कई दावे वायरल हो चुके हैं। विश्वास न्यूज ने उनकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी है। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ सकते हैं।

अंत में हमने पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर का अकाउंट प्राइवेट है और उसे करीब पचास लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के नाम पर लिंक को शेयर कर किया  जा रहा दावा गलत है। दोनों ही पोस्ट में दिया गया ऑफर और लिंक फर्जी है। सरकार और फोन पे की तरफ से इस तरह का कोई ऑफर नहीं दिया जा रहा है। फर्जी लिंक को फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का कैशबैक ऑफर
  • Claimed By : FB User India ₹5000
  • Fact Check : झूठ

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