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Fact Check: दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने पर दिल्ली में अभी नहीं कराई गई आर्टिफिशियल रेन

दिल्ली में दिवाली के बाद उपयुक्त बादलों के नहीं होने के कारण आर्टिफिशियल रेन का ट्रायल नहीं हो पाया था। सोशल मीडिया पर वायरल दावा गलत है।

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नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। दिवाली के बाद 21 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। यह बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गया था। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया गया कि दिल्ली में प्रदूषण को खत्म करने के लिए कृत्रिम वर्षा कराई गई है।

विश्‍वास न्‍यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि दिवाली के बाद दिल्ली में आर्टिफिशियल रेन कराए जाने का दावा झूठा है। दरअसल, दिल्ली में कृत्रिम वर्षा कराए जाने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बन पा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टाग्राम यूजर kanha_mohit_vlogs ने 21 अक्टूबर को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) किया। इसमें बूंदाबांदी होते हुए देख जा सकता है। वीडियो पर लिखा है, “दिल्ली में शुरू हूुई आर्टिफिशियल रेन।

वीडियो में एक शख्स को कहते हुए सुना जा सकता है कि दिल्ली में 21 अक्टूबर को प्रदूषण को खत्म करने के लिए कृत्रिम वर्षा कराई गई।

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड से इस बारे में सर्च किया। 22 अक्टूबर को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर इससे संबंधित खबर छपी है। इसके अनुसार, “दिल्ली सरकार करीब छह महीने से कृत्रिम वर्षा के ट्रायल की तैयारी कर रही है, लेकिन यह हो नहीं पा रहा है। दिवाली के अगले दिन भी यह ट्रायल नहीं हो पाया। चर्चा है कि अब 25 या 26 अक्टूबर को यह ट्रायल कराया जा सकता है। हालांकि, इसकी संभावना न के बराबर है। इसकी वजह मौसम है।”

खबर में लिखा है, “दिल्ली सरकार ने 7 मई को पांच ट्रायल के लिए मंजूरी दी थी। हर ट्रायल की लागत करीब 55 लाख आंकी गई थी। पांच ट्रायल के लिए कुल अनुमानित खर्च 2.75 करोड़ है। इसके अलावा, एक बार की व्यवस्था जैसे एयरक्राफ्ट की कैलिब्रेशन, केमिकल स्टोरेज-लॉजिस्टिक के लिए 66 लाख का खर्च तय हुआ है। प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 3.21 करोड़ है। ट्रायल के लिए दिवाली के अगले दिन की तारीख दी गई थी, लेकिन उपयुक्त बादल नहीं होने पर ट्रायल नहीं हो पाया। ट्रायल लगभग 100 वर्ग किमी के क्षेत्र में, मुख्यत: दिल्ली के बाहरी इलाकों में किया जाना है। “

आजतक की वेबसाइट पर 22 अक्टूबर को छपी खबर के मुताबिक, क्लाउड सीडिंग के लिए पर्याप्त नमी वाले बादलों का होना जरूरी है। मौसम की अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने के कारण दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं हो पा रही है।

इस बारे में हमने दिल्ली में दैनिक जागरण की तरफ से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की खबर कवर करने वाले रिपोर्टर संजीव गुप्ता से संपर्क किया। उनका कहना है कि अभी तक दिल्ली में क्लाउड सीडिंग नहीं हुई है। इसके लिए मौसम विभाग की तरफ से हामी जरूरी है। जब उपयुक्त बादल होंगे, तब मौसम विभाग की तरफ से अनुमति मिलेगी।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली वाले दिन 20 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई 345 था, जो अगले दिन 351 और 22 अक्टूबर को 355 दर्ज किया गया। हवा का यह स्तर बहुत खराब (Very Poor) श्रेणी में आता है।

इससे यह तो साफ हो गया कि दिवाली के बाद दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं कराई गई है। इसकी वजह उपयुक्त बादलों का नहीं होना रहा। हालांकि, हम वायरल वीडियो की लोकेशन की पुष्टि नहीं करते हैं।

वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। यूजर के करीब 23500 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: दिल्ली में दिवाली के बाद उपयुक्त बादलों के नहीं होने के कारण आर्टिफिशियल रेन का ट्रायल नहीं हो पाया था। सोशल मीडिया पर वायरल दावा गलत है।

  • Claim Review : दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण को खत्म करने के लिए कृत्रिम वर्षा कराई गई है।
  • Claimed By : Insta User- kanha_mohit_vlogs
  • Fact Check : झूठ

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