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Fact Check: हिमाचल के शूलिनी माता मंदिर में कीर्तन पर प्रतिबंध वाले बोर्ड की तस्वीर पुरानी, गलत दावे से की जा रही शेयर

हिमाचल के सोलन में स्थित शूलिनी माता मंदिर में कीर्तन पर प्रतिबंध वाले बोर्ड की तस्वीर दो साल पुरानी है। उस दौरान श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए कीर्तन को मंदिर से लगते हॉल में करने को कहा गया था। बाद में बोर्ड को हटा दिया गया था। वहां कीर्तन हो रहा है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित शूलिनी माता मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें एक बोर्ड की तस्वीर शेयर की जा रही है, जिस पर लिखा है- मंदिर परिसर में कीर्तन करना मना है। बोर्ड पर जिला दंडाधिकारी एवं आयुक्त जिला (शूलिनी माता मंदिर न्यास, सोलन) के आदेशानुसार भी लिखा हुआ है। यूजर्स इसे शेयर कर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए दावा कर रहे हैं कि हिमाचल में मंदिर परिसर में भजन कीर्तन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि मंदिर में लगे बोर्ड की तस्वीर मई 2023 की है। मामला बढ़ने पर बोर्ड हटा दिया गया था और प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की दिक्कत को देखते हुए कीर्तन मंदिर के साथ बने हॉल में करने को कहा गया था। इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था।

वायरल पोस्ट

इंस्टाग्राम यूजर mahabharatkurukshetra ने 26 मई को इस तस्वीर को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है,

मंदिर परिसर में कीर्तन करना मना है।
आदेशानुसार, जिला दंडाधिकारी एवं आयुक्त जिला (शूलिनी माता मंदिर न्यास, सोलन)

पड़ताल

वायरल दावे की लिए हमने कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। 15 मई 2023 को ईटीवी भारत की वेबसाइट पर छपी खबर में वायरल बोर्ड की तस्वीर भी अपलोड है। खबर के अनुसार, “शूलिनी मंदिर परिसर में कीर्तन नहीं करने का एक आदेश सोलन में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया है कि मंदिर प्रांगण में कीर्तन के समय श्रद्धालुओं को माता के दर्शन में दिक्कत होती है। अधिकारियों ने भी वहां जाकर इस समस्या को देखा है। इस वजह से निवेदन किया गया कि मंदिर प्रांगण में नहीं, बल्कि साथ में बने हॉल में कीर्तन करें, जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो।” खबर में डीसी सोलन का वीडियो बयान भी अपलोड किया गया है।

15 मई 2023 को पंजाब केसरी के यूट्यूब चैनल पर मनमोहन शर्मा से बातचीत का वीडियो अपलोड किया गया है। इसमें वह कह रहे हैं कि यह आदेश जिला प्रशासन नहीं, बल्कि मंदिर ट्रस्ट ने जारी किया था। वहां देखने को मिला था कि दिन में प्रांगण में होने वाले कीर्तन से श्रद्धालुओं को दिक्कत होती है। यह बंद नहीं किया गया है, बल्कि उनको कीर्तन हॉल का प्रयोग करने को कहा गया है, जो बड़ा है।

17 मई 2023 को अमर उजाला की वेबसाइट पर छपी खबर में लिखा है कि ​जिला प्रशासन ने बोर्ड को हटा दिया है।

इस बारे में सोलन में दैनिक जागरण के रिपोर्टर सुनील शर्मा का कहना है कि यह करीब दो साल पुराना मामला है। विवाद होने पर बोर्ड को हटा दिया गया था। वहां अभी भी भजन-कीर्तन होता है।

तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 12 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: हिमाचल के सोलन में स्थित शूलिनी माता मंदिर में कीर्तन पर प्रतिबंध वाले बोर्ड की तस्वीर दो साल पुरानी है। उस दौरान श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए कीर्तन को मंदिर से लगते हॉल में करने को कहा गया था। बाद में बोर्ड को हटा दिया गया था। वहां कीर्तन हो रहा है।

  • Claim Review : हिमाचल में मंदिर परिसर में भजन कीर्तन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • Claimed By : Insta User- mahabharatkurukshetra
  • Fact Check : झूठ

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