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Fact Check : मस्जिद में मशीनगन मिलने की बात झूठी है, 2019 की घटना को अब किया जा रहा है वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: March 16, 2020

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया में कुछ तस्‍वीरों को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि यूपी के बिजनौर में मदरसे में छापेमारी के दौरान हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। दावा किया जा रहा है कि छापेमारी में मशीनगन भी मिली है। तस्‍वीर में कुछ लोगों को पुलिस हिरासत में देखा जा सकता है। इसके अलावा एक तस्‍वीर में कुछ एडवांस हथियार भी देखे जा सकते हैं।

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट झूठी साबित हुई। 2019 की घटना को अब जानबूझकर वायरल किया जा रहा है। बिजनौर के मदरसे में 10 जुलाई 2019 में छापामारी की गई थी। उस दौरान एक पिस्तौल, दो मैग्जीन, चार तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे, न कि
एडवांस हथियार या कोई मशीनगन। हमारी पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर अशोक मिश्रा ने 15 मार्च को तीन तस्‍वीरों को अपलोड करते हुए लिखा : ”#उत्तर_प्रदेश_के_बिजनौर_शहर_के_मदरसे_पर_छापेमारी_मे_6_मौलवीयों_के_साथ_हथियारों_का_जखीरा_बरामद…चिंता का विषय ये है कि एक मिनट आठ हजार राउंड फायर करनेवाली Lmg गनमशिन का मिलना…।”

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल हो रहे दावे की जांच के लिए सबसे पहले ‘बिजनौर के मदरसे में छापा’ कीवर्ड टाइप करके गूगल में सर्च किया। हमें इससे संबंधित खबर कई जगह मिली। Jagran.com पर 11 जुलाई 2019 को पब्लिश खबर में बताया गया कि बिजनौर के शेरकोट थाना क्षेत्र में कंदला रोड पर पुलिस ने दोपहर एक मदरसे और एक मकान में छापा मारा। इस दौरान मकान में तो कुछ नहीं मिला, लेकिन मदरसे में पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। बरामद हथियार में एक पिस्तौल, दो मैग्जीन, चार तमंचे और कुछ जिंदा कारतूस शामिल है। इस दौरान पुलिस ने मदरसा संचालक सहित छह लोगों को हिरासत में लिया। पूरी खबर को आप यहां पढ़ सकते हैं।

बिजनौर पुलिस के नोट के अनुसार, 10 जुलाई को बिजनौर के शेरकोट थानाक्षेत्र के मदरसा दारूलकुरान हमीदिया से अवैध शस्‍त्रों की तस्‍करी में 3 तमंचे बोर मय 25 जिंदा कारतूस, 1 तमंचा 32 बोर मय 16 जिंदा कारतूस, 1 पिस्‍टल 32 बोर मय 2 मैगजीन व 16 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

अब बारी थी वायरल हो रही तीनों तस्‍वीरों की सच्‍चाई जानने की। इसके लिए हमने वायरल हो रहीं तस्‍वीरों को अलग अलग जांचने का फैसला लिया।

पहली तस्‍वीर

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले पहली तस्‍वीर की पड़ताल की। इस तस्‍वीर को गूगल रिवर्स इमेज टूल में अपलोड करके सर्च किया। काफी सर्च करने के बाद अब ओरिजनल सोर्स तक पहुंचे। बिजनौर पुलिस ने 11 जुलाई 2019 को इस तस्‍वीर को ट्वीट किया था। इसमें बताया गया कि थाना शेरकोट @bijnorpolice द्वारा मदरसे में अवैध शस्त्रों की तस्करी करते 06 अभियुक्तगण 01 पिस्टल, 04 तमंचे व भारी मात्रा में कारतूसों सहित गिरफ्तार। पूरा ट्वीट आप यहां देख सकते हैं।

दूसरी तस्‍वीर

अब बारी थी मदरसे में हथियार के नाम पर वायरल हो रही दूसरी तस्‍वीर की सच्‍चाई जानने की। इस तस्‍वीर में एके 47, एके 56 के अलावा कई माउजर भी देखी जा सकती है। जब हमने इसे गूगल रिवर्स इमेज में सर्च किया तो हमें कई जगह ये तस्‍वीर मिली।

हमें @mehrzadalavinia नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर द्वारा शेयर की कई ये तस्वीर मिली।  यह तस्वीर 17 April 2019 को अपलोड की गयी थी। आपको बता दें कि पुलिस द्वारा बिजनौर मदरसे में 10 जुलाई 2019 को रेड डाली गई थी।

इसके बाद हमने टाइमलाइन टूल का इस्‍तेमाल करके इस तस्‍वीर को सर्च किया। हमें सबसे पुरानी तस्‍वीर 11 नवंबर 2018 की मिली।

मतलब मदरसे में छापे से करीब नौ महीने पहले से यह तस्‍वीर गूगल पर मौजूद थी। इस तस्‍वीर का बिजनौर की छापेमारी से कोई संबंध नहीं निकला।

तीसरी तस्‍वीर

अब बारी थी तीसरी तस्‍वीर की पड़ताल की। इस तस्‍वीर में कुछ लोगों को पुलिस के साथ देखा जा सकता है। इस तस्‍वीर को हमने गूगल रिवर्स इमेज में अपलोड करके सर्च किया। हमें यूपी की एक स्‍थानीय वेबसाइट पर यह फोटो मिली।

इसमें बताया गया कि शामली के जलालाबाद से 4 संदिग्‍धों को पकड़ा गया। ये नागरिक म्‍यांमार के रहने वाले हैं। पूरी खबर आप यहां पढ़ सकते हैं।

 इसके अलावा हमें शामली पुलिस के ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट मिला। इसे 29 जुलाई 2019 को ट्वीट किया गया था। इसमें हमें वह तस्‍वीर भी मिली, जो बिजनौर मदरसे के नाम पर वायरल हो रही है, जबकि ट्वीट में बताया गया कि शामली पुलिस ने 4 विदेशियों व तीन विभिन्‍न मदरसों से संबंधित समेत 7 संदिग्‍ध को अरेस्‍ट किया गया।

पड़ताल के अगले चरण में विश्‍वास न्‍यूज बिजनौर पुलिस के एसपी संजीव त्‍यागी तक पहुंचा। एसपी संजीव त्यागी ने विश्‍वास न्‍यूज को बताया, “शेरकोट में पुलिस ने एक मदरसे में छापामारी की थी। छापेमारी में पुलिस को मदरसे की तलाशी के दौरान एक पिस्तौल, दो मैग्जीन, चार तमंचे और कुछ कारतूस मिले। पुलिस ने मदरसे से छह लोगों को हिरासत में लिया। मदरसे में एक सेफ में दवाइयों के डिब्बे रखे थे, इन्हीं में से हथियार मिले हैं।”

अंत में हमने उस फेसबुक अकाउंट की जांच की, जिसने फर्जी तस्‍वीरों के जरिए पोस्‍ट वायरल की थी। हमें पता चला कि यूजर मुंबई में रहता है। अशोक मिश्रा नाम का यह फेसबुक अकाउंट अप्रैल 2018 को बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि बिजनौर के मदरसे में पिस्‍तौल और तमंचे मिलने की घटना करीब एक साल पुरानी है। इस घटना को कुछ लोग फर्जी तस्‍वीरों के जरिए अब वायरल कर रहे हैं।

  • Claim Review : तस्‍वीरों के जरिए दावा किया जा रहा है कि बिजनौर के मदरसे में मशीनगन मिली।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर अशोक मिश्रा
  • Fact Check : झूठ
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