Fact Check: श्रीलंका में छात्रा के अपहरण का वीडियो भारत का बताकर किया गया सांप्रदायिक दावा
श्रीलंका में जनवरी में एक स्कूली छात्रा का अपहरण हुआ था। उसे बचाने की कोशिश में एक युवक घायल हो गया था। उस घटना के वीडियो को भारत का बताकर सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Sep 18, 2025 at 04:38 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। छात्रा के अपहरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक को छात्रा को जबरदस्ती ऑटो में बैठाते हुए देखा जा सकता है। इस बीच एक अन्य युवक उसे बचाने की कोशिश करता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि भारत में मुस्लिम युवकों ने मुस्लिम छात्रा के अपहरण की कोशिश की, तो वहां से गुजर रहे हिंदू युवक ने उसे बचाया।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि यह श्रीलंका में जनवरी में हुई वारदात का वीडियो है। इसमें छात्रा मुस्लिम है और आरोपी उसका रिश्तेदार है। छात्रा को बचाने की कोशिश में घायल हुआ युवक भी मुस्लिम था। वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ भारत का बताकर शेयर किया जा रहा है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Miss Reliable ने 12 सितंबर को इस वीडियो को अपलोड (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “वह एक असली हीरो है। अफरोज और इमरान आयशा नाम की एक लड़की का अपहरण कर रहे थे। हर्षवर्धन नाम का एक लड़का पास से गुज़र रहा था। उसे बचाने के लिए, उसने अपनी जान जोखिम में डाल दी और उस लड़की को बचाया जिसे वह जानता भी नहीं था। यह शाश्वत हिंदू परंपरा है। हर्षवर्धन घायल हैं लेकिन ख़तरे से बाहर हैं।“

पड़ताल
वायरल दावे की हकीकत जानने के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। 12 जनवरी को श्रीलंका की वेबसाइट Lankasara पर इससे संबंधित खबर छपी है। इसमें वीडियो के स्क्रीनशॉट्स देखे जा सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज के स्क्रीनशॉट्स में 11 जनवरी 2025 की तारीख दी गई है।

खबर के अनुसार, “11 जनवरी की सुबह काली वैन में सवार कुछ लोगों ने स्कूल यूनिफॉर्म पहने एक छात्रा का अपहरण कर लिया। वह अपनी एक दोस्त के साथ प्राइवेट एडवांस्ड लेवल क्लास में शामिल होने के लिए दौलागला कस्बे जा रही थी। छात्रा के पिता इलाके में एक व्यवसायी हैं। आरोपी ने शुरुआत में 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 30 लाख कर दिया। पता चला है कि अपहरण करने वाला व्यक्ति छात्रा का रिश्तेदार है।”
श्रीलंका की एक अन्य वेबसाइट Adaderana पर 12 जनवरी को छपी खबर के मुताबिक, पता चला है कि हंडेसा इलाके की रहने वाली मुस्लिम लड़की का एक वैन में सवार कुछ लोगों ने उस समय अपहरण कर लिया, जब वह अपनी सहेली के साथ स्कूल जा रही थी। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अपहरण आपसी विवाद के कारण किया गया था। दौलगला पुलिस ने गमपोला इलाके में वैन के चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

एशियन मिरर में 13 जनवरी को छपी खबर में लिखा है कि पुलिस ने 11 जनवरी की सुबह कैंडी के दौलागाला में अपहृत स्कूली छात्रा का पता लगा लिया है। अपहरणकर्ता लड़की के पिता की बहन का बेटा है।
एशियन मिरर में ही 13 जनवरी को छात्रा को बचाने की कोशिश करने वाले युवक के बारे में भी खबर छपी है। इसमें युवक का नाम मोहम्मद ईजादीन अरशद अहमद लिखा हुआ है। खबर के मुताबिक, श्रीलंका पुलिस ने युवक की तारीफ की है।

इस बारे में हमने श्रीलंका के स्वतंत्र पत्रकार एपी मथन से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उनका कहना है कि यह कैंडी में हुई पुरानी घटना का वीडियो है। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था।
वीडियो को गलत दावे से वायरल करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 61 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: श्रीलंका में जनवरी में एक स्कूली छात्रा का अपहरण हुआ था। उसे बचाने की कोशिश में एक युवक घायल हो गया था। उस घटना के वीडियो को भारत का बताकर सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है।
- Claim Review : भारत में मुस्लिम युवकों ने मुस्लिम छात्रा के अपहरण की कोशिश की, तो वहां से गुजर रहे हिंदू युवक ने उसे बचाया।
- Claimed By : FB User- Miss Reliable
- Fact Check : झूठ
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