Fact Check: नागपुर हिंसा के बाद मराठाओं के जवाबी प्रदर्शन के दावे से वायरल वीडियो रायगड की गडकोट यात्रा का है
महाराष्ट्र के नागपुर में हिंसा के बाद मराठाओं के जवाबी प्रदर्शन के दावे से वायरल हो रहा वीडियो नागपुर का नहीं, बल्कि फरवरी महीने में रायगड में आयोजित गडकोट यात्रा का है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Mar 31, 2025 at 04:15 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। औरंगजेब विवाद में महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि नागपुर हिंसा के जवाब में मराठा सड़कों पर उतर आए हैं। वायरल वीडियो क्लिप में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को मार्च करते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल हो रहा वीडियो नागपुर में हुई हिंसा से संबंधित नहीं है। नागपुर में हुई हिंसा के बाद हिंदू समुदाय की तरफ से ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं हुआ।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘p.roy.3705157’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “जिसका डर था वहीं हुआ…पूरा महाराष्ट्र पिटेगा…अब मराठा आले!”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
न्यूज सर्च में हमें ऐसी कोई रिपोर्ट्स नहीं मिली, जिसमें औरंगजेब विवाद में नागपुर में हुई हिंसा के जवाब में किसी विरोध प्रदर्शन का जिक्र हो।
वायरल वीडियो के ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढने के लिए हमने इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया और सर्च में हमें यह वीडियो कई इंस्टाग्राम यूजर्स की प्रोफाइल पर लगा मिला, जिसे फरवरी महीने में शेयर किया गया है।
‘prathu_.143’ नामक इंस्टाग्राम यूजर ने इस वीडियो को ‘शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान धारातीर्थ गडकोट मोहीम, 2025’ का बताया गया है।
इसी आधार पर की-वर्ड सर्च करने पर हमें ‘एबीपी मांझा’ की एक महीने पुरानी रिपोर्ट मिली, जिसमें इस घटना का जिक्र है।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो नागपुर का नहीं है, बल्कि रायगड में आयोजित गडकोट यात्रा का है, जो रायगड किले में सांभाजी भिड़े गुरुजी के पवित्र स्थल पर जाने से संबंधित है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मौकै पर धरकारी तीर्थयात्रियों को भिड़े गुरुजी ने संबोधित किया था। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनर में औरंगजेब की कब्र स्थित है और इसे हटाए जाने की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद की स्थिति बनी हुई है। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में इस विवाद को लेकर नागपुर में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस समेत कई लोग घायल हो गए।
नागपुर हिंसा को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बयान देते हुए इस हिंसा के “पूर्व नियोजित” होने की आशंका जाहिर की थी।
वायरल वीडियो को लेकर हमने नागपुर में भड़की हिंसा के वक्त वहां मौजूद और फैक्ट चेकर अंकिता देशकर से संपर्क किया। देशकर ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह वीडियो नागपुर से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा, “नागपुर में हुई हिंसा के बाद ऐसी कोई रैली आयोजित नहीं हुई।”
बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च को नागपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने आरएसएस मुख्यालय में डॉ. के.बी. हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने दीक्षाभूमि पर आंबेडकर को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए माधव नेत्रालय का शिलान्यास भी किया।
वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को इंस्टाग्राम पर करीब 80 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: महाराष्ट्र के नागपुर में हिंसा के बाद मराठाओं के जवाबी प्रदर्शन के दावे से वायरल हो रहा वीडियो नागपुर का नहीं, बल्कि फरवरी महीने में रायगड में आयोजित गडकोट यात्रा का है।
- Claim Review : नागपुर में हुई हिंसा
- Claimed By : X User- Nandini Idnani
- Fact Check : भ्रामक
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