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Fact Check: आधार कार्ड के जरिए शराब बेचने का रतन टाटा का फर्जी बयान वायरल

रतन टाटा की फोटो लगाकर उनके नाम से वायरल हो रहा बयान फर्जी है। रतन टाटा ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। उनके प्रवक्ता ने भी इस बयान को फर्जी बताया है।

  • By Vishvas News
  • Updated: April 20, 2022
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इसमें मशहूर उद्योगपति रतन टाटा की फोटो लगी हुई है। इस पर लिखा हुआ है, Liquor sales should be sold through Aadhaar Card. Government food subsidies should be stopped for alcohol buyers. Those who have the facility to buy alcohol can definitely buy food. When we give them free food they pay and buy alcohol. : Rathan Tata (शराब की बिक्री आधार कार्ड के जरिए की जानी चाहिए। शराब खरीदने वालों को सरकारी खाद्य सब्सिडी बंद कर देनी चाहिए। जो शराब खरीद सकते हैं, वे खाना भी जरूर खरीद सकते हैं। जब हम उन्हें मुफ्त खाना देते हैं तो वे पैसे देकर शराब खरीदते हैं।: रतन टाटा)

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि रतन टाटा के नाम से वायरल हो रहा यह बयान फर्जी है। उन्होंने खुद इस तरह का कोई बयान देने से इनकार किया है। रतन टाटा के प्रवक्ता ने भी इस बयान को फर्जी बताया है।

क्या है वायरल पोस्ट में

फेसबुक यूजर D.r. Purohit (आर्काइव) ने 17 अप्रैल को यह स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा,
Long live our national pride Ratan Tata (हमारे राष्ट्रीय गौरव रतन टाटा की जय हो)

फेसबुक पर कुछ अन्य यूजर्स ने भी इस स्क्रीनशॉट को शेयर किया है।

पड़ताल

दावे की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वायरल स्क्रीनशॉट को ध्यान से देखा। इसमें रतन टाटा की स्पेलिंग Rathan Tata लिखी हुई है जबकि उनके नाम की स्पेलिंग Ratan Tata है। उनका पूरा नाम Ratan Naval Tata है।

इसके बाद हमने कीवर्ड से इसे सर्च किया। इसमें 5 सितंबर 2022 को indianexpress में छपी खबर का लिंक मिला। इसके मुताबिक, सोशल मीडिया पर रतन टाटा की तस्वीर के साथ एक बयान वायरल हो रहा है। इसमें शराब की बिक्री आधार कार्ड के जरिए करने की बात कही गई है। साथ ही शराब खरीदने वालों की फूड सब्सिडी बंद करने की बात कही गई है। यह वायरल होने के बाद 83 वर्षीय उद्योगपति रतन टाटा ने साफ किया है कि यह उन्होंने नहीं कहा है।

3 सितंबर 2022 को ndtv में छपी रिपोर्ट के अनुसार, रतन टाटा ने आधार कार्ड के जरिए शराब दिए जाने वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रतन टाटा ने इस पोस्ट को फर्जी बताया है।

इसकी और पुष्टि के लिए हमने रतन टाटा के प्रवक्ता देबाशीष रे से संपर्क साधा। उनका कहना है, This is fake. Mr. Tata does not make such statements. (यह फर्जी है। रतन टाटा इस तरह का बयान नहीं देते हैं।)

इस तरह की पोस्ट पहले भी वायरल हो चुकी है, जिसकी पड़ताल विश्वास न्यूज ने की थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

रतन टाटा के फर्जी बयान के स्क्रीनशॉट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर D.r. Purohit की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। इसके मुताबिक, वह शिमला में रहते हैं।

निष्कर्ष: रतन टाटा की फोटो लगाकर उनके नाम से वायरल हो रहा बयान फर्जी है। रतन टाटा ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। उनके प्रवक्ता ने भी इस बयान को फर्जी बताया है।

  • Claim Review : Liquor sales should be sold through Aadhaar Card. Government food subsidies should be stopped for alcohol buyers. Those who have the facility to buy alcohol can definitely buy food. When we give them free food they pay and buy alcohol. : Rathan Tata
  • Claimed By : Facebook User- D.r. Purohit
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