Fact Check: सीएम को काले झंडे दिखाने के आरोप में पिटाई करती पुलिस का वीडियो यूपी का नहीं
सीएम को काले झंडे दिखाने के आरोप में पिटाई करती पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2018 का है और राजस्थान का है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Dec 4, 2025 at 03:18 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की पिटाई करती हुई पुलिस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश में हुई घटना का है, जहां कुछ लोग यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काले झंडे दिखा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़कर डंडों से पिटाई की।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2018 का है और राजस्थान का है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘HR Choudhary’ ने 25 नवंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “यूपी में नेपाल समझ रखा योगी बाबा की पुलिस ने डेंटिंग पेंटिंग कर दिया।”
वीडियो पर लिखा हुआ है, “युवा नेता ने भुल गए ये नेपाल नही है, योगी राज है.. मारे जाओगे..जिदंगी में और काले झंडा नही दिखायेगा।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘हमारा समाचार’ नाम के फेसबुक पेज पर मिला। वीडियो को 9 सितंबर 2018 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार,“हनुमानगढ़ से बड़ी खबर…मुख्यमंत्री को काले झण्डे दिखाने का प्रयास, पुलिसकर्मियों ने जमकर की पिटाई, छात्र नेता रोहित स्वामी,नासिर खान और नादीम खान गिरफ्तार.. मुख्यमंत्री को काले झण्ड दिखाने के प्रयास में कुछ छात्र पिट गए। एनएसयूआई के रोहित स्वामी,एसएफआई के नासिर खान और नादीम खान आदि विभिन्न मांगों को लेकर सीएम का विरोध कर रहे थे। वे हिसारिया हाॅस्पीटल के पास एक जगह छुपकर बैठे थे। जब सीएम का काफिला गुजरा तो वे काले झण्डे लेकर आगे बढे। नारे लगाते हुए वे ज्योंही आगे बढे, पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और जमकर पिटाई की। इस दौरान कुछ मीडियाकर्मी भी पिटे और उनके कैमरे तक तोड़ दिए गए।”

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘पत्रिका’ की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को फरवरी 2019 में प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “गौरव यात्रा के दौरान जंक्शन से टाउन जा रहे सीएम के काफिले को काले झंडे दिखा रहे छात्र नेताओं से पुलिस हिरासत में पिटाई मामले में राजस्थान हाइकोर्ट, जोधपुर ने जिला पुलिस से जवाब मांगा। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। नौ सितम्बर 2018 को छात्र नेताओं से पिटाई व गाली-गलौच को लेकर तत्कालीन एसपी, टाउन थाना प्रभारी व हैड कांस्टेबल से जवाब मांगा गया। इस संबंध में 10 सितम्बर को एसीजेएम कोर्ट, हनुमानगढ़ के समक्ष एसपी, सीआई व हैड कांस्टेबल के खिलाफ इस्तगासा पेश किया गया था। इसमें अप्रार्थी के लोकसेवक होने के बावजूद कत्र्तव्य का पालन नहीं करने तथा हिरासत में मारपीट व गाली-गलौच करने का आरोप लगाया गया था।” स्टोरी की कवर इमेज में वीडियो के कीफ्रेम को देखा जा सकता है।”

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर देखा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए हमने राजस्थान के स्थानीय पत्रकार संतोष पांडेय से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो करीब सात साल पहले हुई घटना का है।
न्यूज18 की वेबसाइट पर 3 दिसंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के एलडी परिसर में मंगलवार देर रात छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक हो गया। छात्रों ने कथित तौर पर ईंट-पत्थर चलाए, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी निशाने पर आ गई।”
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 17 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सीएम को काले झंडे दिखाने के आरोप में पिटाई करती पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2018 का है और राजस्थान का है।
- Claim Review : सीएम योगी को काले झंडे दिखाने वाले लोगों को यूपी पुलिस ने पीटा।
- Claimed By : FB User HR Choudhary
- Fact Check : भ्रामक
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