Fact Check: इटावा कथावाचक मामले से जोड़कर राजस्थान का वीडियो वायरल, एक पक्ष का गांव खाली करने का दावा भी झूठा
इटावा कथावाचक मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो राजस्थान के गढ़मोरा का है। इसका इटावा मामले से कोई संबंध नहीं है। वहीं, दूसरे ग्रुप के खौफ से एक पक्ष द्वारा गांव खाली करने का दावा भी झूठा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jul 1, 2025 at 05:01 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इटावा कथावाचक मामले से जोड़कर सोशल मीडिया पर कुछ भड़काऊ पोस्ट वायरल हो रही है। इनमें से कुछ फर्जी व भ्रामक हैं। ऐसी ही दो पोस्ट को भड़काऊ तरीके से शेयर किया गया है। इनमें से एक पोस्ट में मंदिर के पास जमा भारी भीड़ को देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इटावा के गांव में यादव समाज के लोग पहुंच गए हैं। वहीं, दूसरी पोस्ट में सुनसान गलियों की तस्वीरें शेयर कर कहा जा रहा है कि इटावा में पंडित समाज के लोगों ने गांव खाली कर दिया है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि इटावा मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो राजस्थान के गढ़मोर का है, जो करौली जिले में स्थित है। हालांकि, वीडियो के समय की हम पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन यह विवाद के पहले से इंटरनेट पर मौजूद है। वहीं, पंडित समुदाय के लोगों का गांव छोड़कर जाने का दावा भी गलत है।
वायरल पोस्ट
इंस्टा यूजर a.shiv.2022 ने 29 जून को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “कहां छुप गए पंडित, पंडितों के गांव में यादव पहुंच गए“

इंस्टा यूजर rudra_yadav7499_official ने दो तस्वीरों का कोलाज शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “इटावा में पंडितों ने गांव खाली कर दिया, यादवों का खोप“

पड़ताल
दोनों वायरल दावों को हमने एक-एक करके चेक किया।
पहली पोस्ट
इसमें शेयर किए गए वीडियो का कीफ्रेम निकालकर हमने उसे गूगल लेंस से सर्च किया। 8 जून 2025 को यह वीडियो trending video यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है। इसमें वीडियो को जयपुर से जोड़ा गया है।
गूगल सर्च में हमें थ्रेड यूजर gopalsinghbassi की पोस्ट मिली, जिसे 14 जनवरी को शेयर किया गया है। इसमें तस्वीरों को राजा मोरध्वज की नगरी गढ़मोरा का बताया गया है।

इसमें शेयर की गई एक तस्वीर और वायरल वीडियो की लोकेशन एक जैसी है।

तस्वीर को जूम करने पर इसमें भवन पर ‘श्री देव नारायण भगवान मंदिर एवं समिति गढ़मारो जि. करौली’ लिखा हुआ दिख रहा है।

इससे यह तो साफ हो गया कि वायरल वीडियो राजस्थान के गढ़मोरा का है। हालांकि, यह कब का है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं मिली।
इस बारे में हमने श्री देव नारायण मंदिर ट्रस्ट गढ़मोरा (करौली) के अध्यक्ष विश्राम चपराना से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि यह वीडियो गढ़मोरा श्री देवनारायण भगवान मंदिर परिसर में मकर संक्रांति पर आयोजित कुश्ती दंगल का है।
दूसरी पोस्ट
इटावा कथावाचक से जोड़कर वायरल हुई दूसरी पोस्ट में सुनसान गलियों की दो तस्वीरें के कोलाज को शेयर किया गया है। इनके साथ में दावा किया गया कि इटावा का गांव खाली हो गया है।
इस बारे में हमने गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
दोनों तस्वीरों को हमने गूगल लेंस से सर्च किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
इस बारे में इटावा में दैनिक जागरण के जिला प्रभारी गौरव डुडेजा का कहना है कि यह दांदरपुर गांव का मामला है। वहां इस समय काफी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात है। एक पक्ष के गांव छोड़कर जाने का दावा गलत है। वे गांव में ही हैं। उनका घर है वहां पर।
1 जुलाई को दैनिक जागरण के इटावा संस्करण में छपी खबर के अनुसार, भड़काऊ पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स पर पुलिस कड़ी नजर रख रही है। पुलिस जांच में अब तक ऐसे 50 अकाउंट सामने आए हैं। इनके जरिये एक से डेढ़ साल पुरानी पोस्ट्स को दोबारा वायरल कर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कानपुर जोन के विभिन्न जिलों से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं, ईपेपर में छपी एक अन्य खबर के मुताबिक, दांदरपुर कांड में 26 जून को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 21 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अहीर रेजिमेंट के संस्थापक गगन यादव के कहने पर ही एक संगठन के लोग बकेवर पहुंचे थे। क्षेत्र में दांदरपुर घटना के विरोध में हिंसा, पथराव और थाना घेराव की घटना हुई थी।

26 जून को अपडेट की गई एबीपी लाइव की खबर के अनुसार, इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के दांदरपुर गांव में 21 जून को कथावाचक मुकुट मणि यादव और सहयोगी संत सिंह यादव के साथ मारपीट के साथ ही उन्हें अपमानित किया गया था।

राजस्थान के वीडियो को इटावा मामले से जोड़कर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 47 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: इटावा कथावाचक मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो राजस्थान के गढ़मोरा का है। इसका इटावा मामले से कोई संबंध नहीं है। वहीं, दूसरे ग्रुप के खौफ से एक पक्ष द्वारा गांव खाली करने का दावा भी झूठा है।
- Claim Review : इटावा के गांव में यादव समाज के लोग पहुंच गए हैं।
- Claimed By : Insta User- a.shiv.2022
- Fact Check : झूठ
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