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Fact Check: बाढ़ के बाद नेपाल-तिब्ब्त सीमा पर चीनी हेलीकॉप्टर के पहुंचने के दावे से अलास्का का वीडियो वायरल

नेपाल-तिब्ब्त सीमा पर हिमस्खलन वाली जगह पर चीनी हेलीकॉप्टर के पहुंचने के दावे से अलास्का का वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसका नेपाल में आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्‍त 2026 को आई भीषण बाढ़ का कारण नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुए हिमस्खलन को माना जा रहा है। इससे जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक ग्लेशियर से तेजी से बहते पानी को देखा जा सकता है। इस वीडियो को हेलीकॉप्टर से रिकॉर्ड किया गया है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि इसी जगह से नेपाल में बाढ़ आई थी और चीन का हेलीकॉप्टर इस जगह पर पहुंचा है।

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल वीडियो अमेरिका के अलास्का का है। इसका नेपाल में आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

एक्स यूजर ‘The Bihar’ ने 27 अगस्त 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “यही वह जगह जहाँ से नेपाल और तिब्बत में पानी का शैलाब आया है। चाइना का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुँच के इस भयावाह सीन को दुनिया को दिखाया है।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। इंस्टाग्राम यूजर ‘sammontazeriofficial‘ ने 30 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, ”जोकुलह्लॉप’, जिसे GLOF या ‘ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़’ भी कहते हैं, तब होता है जब ग्लेशियर की बर्फ में फंसा पानी अचानक बाहर निकलने का रास्ता बना लेता है। पानी का दबाव बर्फ को ऊपर उठा सकता है और उसमें दरारें डाल सकता है, जिससे झील का पानी तेजी से ग्लेशियर के नीचे बहने लगता है और जबरदस्त रफ्तार से ढलान की ओर बढ़ता है। यह घटना काफी आम है, लेकिन इसे कैमरे में कैद करना मुश्किल होता है क्योंकि ये बहुत दूर-दराज इलाकों में होती हैं। अलास्का के कोलंबिया ग्लेशियर पर होने वाली ऐसी ही एक घटना 2014 से हर साल हो रही है।”

एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर ‘helipilotleigh’ ने इस वीडियो को 22 अगस्त 2026 को पोस्ट करते हुए इसे अलास्का के कोलंबिया ग्लेशियर का बताया था।

पोस्ट में एक यूजर ‘idris_20.05’ ने पूछा था कि क्या यह वही झील है, जिसकी वजह से तिब्बत में बाढ़ आई है? इसके जवाब में ‘helipilotleigh’ ने लिखा, “नहीं, यह अलास्का है।”

वायरल वीडियो 22 अगस्त 2026 से इंटरनेट पर मौजूद है, जबकि नेपाल में बाढ़ 26 अगस्त 2026 को आई थी। इससे यह तो साफ होता है कि यह वीडियो नेपाल में आई बाढ़ से पहले का है।

इंस्टाग्राम यूजर ‘helipilotleigh’ की प्रोफाइल पर 2 सितंबर 2026 को एक पोस्ट करते हुए लिखा गया, “मैं ली हूं, अलास्का में रहने वाली एक प्रोफेशनल हेलीकॉप्टर पायलट। मैंने इस धरती की कुछ सबसे दूर-दराज जगहों पर उड़ान भरने, काम करने और नई जगहों को खोजने में कई दशक बिताए हैं। आप में से कई लोगों ने मुझे अलास्का में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के बारे में मेरे हालिया वीडियो के जरिए जाना। अफसोस की बात है कि उस फुटेज का कुछ हिस्सा चुरा लिया गया, उसे उसके असली संदर्भ से अलग कर दिया गया और नेपाल की भयानक त्रासदी से गलत तरीके से जोड़ दिया गया। मेरा फुटेज नेपाल का नहीं है, लेकिन इन घटनाओं पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया ने मुझे दिखाया है कि सही जानकारी और शिक्षा कितनी जरूरी हो सकती है। खासकर तब, जब डर और गलत जानकारी इतनी तेजी से फैलती है। यह पेज एविएशन, ग्लेशियर, अलास्का के दूर-दराज के इलाकों, नई जगहों की खोज और हमारी धरती के उस नजारे को शेयर करने के बारे में है, जिसे बहुत कम लोग देख पाते हैं।”

यूएस सरकार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, कोलंबिया ग्लेशियर अलास्का के चुगाच पहाड़ों से दक्षिण की ओर प्रिंस विलियम साउंड तक बहता है। 1980 के बाद से इसका सिरा 20 किलोमीटर पीछे हट गया है, जिससे यह दुनिया के सबसे तेजी से बदलने वाले ग्लेशियरों में से एक बन गया है।

इस बारे में हमने ‘नेपाल फैक्ट चेक’ के फैक्ट चेकर सूरज घिमिरे से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो नेपाल-तिब्बत सीमा का नहीं है।

क्या है संदर्भ?

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ से हुई मौतों की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई है। इस आपदा में 1,050 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब चार हजार लोग अभी भी लापता हैं। अब तक 11,993 लोगों को बचाव अभियान के तहत बचाया गया है।

‘नेपाल न्यूज’ में 31 अगस्त 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “शुरुआती वैज्ञानिक जांच से पता चलता है कि ल्हेंडे खोला घाटी में ऊंचाई पर एक बड़ा ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। यह भोटेकोशी की एक सहायक नदी है, जो तिब्बत के क्यिरोंग काउंटी से नेपाल के रसुवा जिले में बहती है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि बर्फ और चट्टान का जो हिस्सा ढहा, वह लगभग 5,200 से 5,400 मीटर की ऊंचाई से आया था। यह इतना बड़ा था कि घाटी की सतह से टकराने पर इसने किसी विस्फोटक की तरह असर किया। सैटेलाइट तस्वीरों और भूकंप से जुड़े डेटा से पुष्टि होती है कि एक ग्लेशियर ढह गया था। इसके असर से पानी, गाद और बड़े पत्थर तेजी से नीचे की ओर बहने लगे। उसी समय और उसी इलाके में 4.4 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया था, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या बर्फ के खिसकने में भूकंपीय गतिविधि की भी कोई भूमिका थी।”

रिपोर्ट के मुताबिक, “26 अगस्त को हुई घटना ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) से मिलती-जुलती तो है, लेकिन यह अलग श्रेणी में आती है। वैज्ञानिक इसे ‘ग्लेशियर ढहने से आई बाढ़’ कहते हैं। इसमें झील का बांध टूटने के बजाय, ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ से टूटकर घाटी में गिर गया। इस टक्कर के कारण बाढ़ की लहर पैदा हुई, न कि झील के टूटने से।”

‘ऑनलाइन खबर’ की 2 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, “बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने भोटेकोशी, त्रिशूली और आस-पास की नदियों में फिर से जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई है। विभाग की बाढ़ विशेषज्ञ सरस्वती बिस्टा ने कहा है कि नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र के पास बनी एक झील के फटने की आशंका है।”

वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। दिसंबर 2019 में बने इस अकाउंट के 16 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: नेपाल-तिब्ब्त सीमा पर हिमस्खलन वाली जगह पर चीनी हेलीकॉप्टर के पहुंचने के दावे से अलास्का का वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसका नेपाल में आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिमस्खलन वाली जगह पर पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर।
  • Claimed By : X User- The Bihar
  • Fact Check : झूठ

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