Fact Check: असम के चाय बागान में पीएम मोदी के फोटोशूट कराने के दावे से वायरल तस्वीर एआई निर्मित
असम के चाय बागान में पीएम मोदी के फोटोशूट कराने के दावे से वायरल तस्वीर को एआई निर्मित पाया। पीएम मोदी की वायरल तस्वीर गूगल AI की मदद से बनाई गई है। जांच के दौरान इस तस्वीर में ‘सिंथआईडी’ (SynthID) के डिटेक्ट होने की पुष्टि हुई।
- By: Pragya Shukla
- Published: Apr 6, 2026 at 12:46 PM
- Updated: Apr 8, 2026 at 11:03 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अप्रैल 2026 को असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने एक चाय बागान का भी दौरा किया था। साथ ही, वहां पर काम कर रहे लोगों के साथ उन्होंने सेल्फी भी ली थी। इसी से जोड़ते हुए एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। फोटो में पीएम मोदी कुछ लोगों के साथ बैठे हुए हैं और आस-पास बड़ी संख्या में कैमरे, लाइटिंग और माइक लगे हुए हैं। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह फोटे असम के एक चाय बागान में हुए फोटोशूट का है। दावा यह भी किया जा रहा है कि वहां फोटोशूट करने के लिए पूरा सेट लगाया गया था।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। पीएम मोदी की वायरल तस्वीर गूगल AI की मदद से बनाई गई है। जांच में इस तस्वीर में ‘सिंथआईडी’ (SynthID) के डिटेक्ट होने की पुष्टि हुई ।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Sourav Kundu’ ने 4 अप्रैल 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “ऐसी शूटिंग अपने शायद ही कभी देखा हो देखना हो गया !! अब, इसकी खर्चे का भी हिसाब लगा लीजिए !”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने भी वायरल तस्वीर को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इसी दावे के साथ शेयर किया है। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

‘Jharkhand Youth Congress’ के आधिकारिक फेसबुक पेज से भी इस तस्वीर को शेयर किया गया है। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर कई कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया, लेकिन दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट हमें नहीं मिली। हमने पीएम मोदी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी खंगाला, लेकिन वहां भी दावे से जुड़ी कोई पोस्ट हमें नहीं मिली।

फोटो को गौर से देखने पर हमने पाया कि तस्वीर में कई खामियां हैं। तस्वीर में नजर आ रहे एक शख्स के पैर आधे कटे हुए मालूम होते हैं। साथ ही, पीएम मोदी का चेहरा क्लियर नहीं है। चेहरे की बनावट काफी अटपटी भी है। इतना ही नहीं, वहां मौजूद पोस्टर्स पर भाषा की गलतियां हैं, जो कि अक्सर एआई से बनाई गई तस्वीरों में होता है। ऐसे में हमें फोटो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने तस्वीर को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में इस तस्वीर के कुछ या सभी हिस्सों में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने (Very High: सिंथआईडी कॉन्फिडेंस) की पुष्टि हुई।

सिंथआईडी, गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए एआई-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है। यानी जब भी गूगल का कोई AI टूल कोई तस्वीर बनाता है, तो सिंथआईडी उसमें एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देता है। यह वॉटरमार्क हमारी आंखों से दिखाई नहीं देता है, लेकिन सिंथआईडी डिटेक्टर इसे पहचान लेता है।
हमने फोटो को जांचने के लिए एक अन्य टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ का भी इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी फोटो के 99 फीसदी तक एआई से बने होने के संकेत दिए।

अधिक जानकारी के लिए हमने बीजेपी प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल तस्वीर फर्जी है। पीएम मोदी की छवि खराब करने के लिए विपक्षी दल एआई की मदद से इस तरह की तस्वीरें बनाकर शेयर करते हैं।
क्या है संदर्भ?
गौरतलब है कि असम में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पीएम मोदी वहां पर चुनावी दौरा कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई जनसभाएं भी की हैं। इसी बीच 1 अप्रैल 2026 को वह डिब्रूगढ़ में एक चाय बागान में भी पहुंचे थे। पीएम ने वहां काम कर रहे लोगों से मुलाकात की और सेल्फी भी ली। इन्हीं तस्वीरें और वीडियो को उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी शेयर किए हैं। 1 अप्रैल 2026 को उन्होंने इस मुलाकात का एक वीडियो अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, “आज सुबह डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान में, चाय बागान परिवारों की संस्कृति की एक झलक देखने को मिली। असम की प्रगति में उनका योगदान अतुलनीय है। पेश हैं कुछ मुख्य बातें।”
इसी मुलाकात से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट्स यहां पढ़ी जा सकती हैं।
अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को कोलकाता का रहने वाला बताया है। इस यूजर को सात हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में असम के चाय बागान में पीएम मोदी के फोटोशूट कराने के दावे से वायरल तस्वीर को एआई निर्मित पाया। पीएम मोदी की वायरल तस्वीर गूगल AI की मदद से बनाई गई है। जांच के दौरान इस तस्वीर में ‘सिंथआईडी’ (SynthID) के डिटेक्ट होने की पुष्टि हुई।
- Claim Review : असम के चाय बागान में पीएम मोदी की तस्वीर खींचने के लिए लगाया गया सेट।
- Claimed By : FB User Sourav Kundu
- Fact Check : झूठ
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