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Fact Check: बरेली में मुस्लिमों के जुटान के दावे से वायरल वीडियो बिजनौर में आयोजित इज्तेमा का है

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश के बरेली में मुस्लिमों के जुटान का वीडियो है। वास्तव में यह वीडियो बिजनौर जिले में आयोजित इज्तिमा का है, जिसे भ्रामक संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स एक वीडियो को शेयर कर रहे हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश के बरेली का वीडियो है। वीडियो को जिस संदर्भ में शेयर किया जा रहा है, उससे यह प्रतीत हो रहा है कि यह किसी प्रदर्शन या जुटान का वीडियो है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल हो रहा वीडियो उत्तर प्रदेश के बरेली का नहीं, बल्कि बिजनौर जिले के शेरकोट में तब्लीगी जमात की तरफ से आयोजित इज्तिमा का वीडियो है, जिसे बरेली का बताकर शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘सत्ता की पटरी’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “ये दृश्य बरेली, उत्तर प्रदेश का है संकट आपके दरवाजे तक है भाइयों।”

कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ‘Hafiz abdul qadir naat and bayan’ नामक यू-ट्यूब चैनल पर यह वीडियो मिला, जिसे दो हफ्ते पहले शेयर किया गया है।

28 दिसंबर 2024 को शेयर की गए इस वीडियो के साथ दी गई जानकारी में बताया गया है कि यह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के  शेरकोट में हुई तब्लीगी इज्तिमा का वीडियो है।

अन्य यू-ट्यूब चैनल पर भी हमें यह वीडियो समान संदर्भ में साझा किया हुआ मिला।

‘BBG VINES04’ यू-ट्यूब चैनल ने इस वीडियो को 21 दिसंबर 2024 को तब्लीगी इज्तिमा का बताते हुए शेयर किया है। अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी बिजनौर जिले में हुई इज्तिमा  का जिक्र करते हुए इससे संबंधित वीडियो को शेयर किया है।

भास्कर.कॉम की रिपोर्ट में भी इस आयोजन का जिक्र है। 20 दिसंबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, “बिजनौर के शेरकोट नगर स्थित भानौटी रोड पर शुक्रवार सुबह से दो दिवसीय तब्लीगी जमात के इज्तिमा  का आगाज हो गया।”

इज्तिमा अरबी भाषा का एक शब्द है जिसका मतलब कई लोगों का एक जगह पर इकट्ठा होना है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “इज्तिमा में शामिल होने वाले लोगों के धर्म को लेकर मौलाना राशिद बताते हैं कि ऐसे कार्यक्रमों में सिर्फ़ मुसलमान नहीं, बल्कि अलग-अलग धर्मों के लोग भी शामिल होते हैं, वे इस्लाम को समझने के मक़सद से हमारे कार्यक्रम में आते हैं। और कहीं भी कोई ऐसी स्थिति नहीं पैदा करता, जिससे दूसरे धर्मों के लोगों को असुविधा का अहसास हो।”

रिपोर्ट बताती है, “इज्तिमा इससे पहले भोपाल में और बांग्लादेश में आयोजित होती रही है जहां लाखों लोग शामिल होते हैं। इससे पहले औरंगाबाद और यूपी के संभल में इसी तरह के प्रोग्राम का आयोजन हो चुका है।”

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो बिजनौर जिले में हुए मुस्लिमों के धार्मिक सम्मेलन का है, जिसे बरेली के नाम पर भ्रामक दावे से शेयर किया जा रहा है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के बिजनौर जिला प्रभारी नवनीत शर्मा से संपर्क किया और उन्होंने बताया, “यह बिजनौर जिले में हुई इज्तिमा का है।”

वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब एक हजार लोग फॉलो करते हैं। चुनाव से संबंधित वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के चुनाव और पॉलिटिक्स सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश के बरेली में मुस्लिमों की रैली के नाम से वायरल हो रहा वीडियो बिजनौर जिले में आयोजित इज्तिमा का है, जिसे भ्रामक संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : उत्तर प्रदेश के बरेली में मुस्लिमों का जुटान।
  • Claimed By : FB User-सत्ता की पटरी
  • Fact Check : भ्रामक

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