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Quick Fact Check : मनोज तिवारी के दरगाह जाने का पुराना वीडियो झूठे दावे के साथ वायरल

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि जिस पोस्‍ट को ‘मनोज तिवारी के इस्‍लाम स्‍वीकार’ करने के नाम पर वायरल किया जा रहा है, वह फर्जी है। वायरल वीडियो 14 जून 2018 का है। उस वक्‍त मनोज तिवारी निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह पर गए थे।

  • By Vishvas News
  • Updated: February 5, 2020

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। दिल्‍ली भाजपा के अध्‍यक्ष मनोज तिवारी का दरगाह जाने का पुराना वीडियो एक बार फिर से फर्जी दावों के साथ वायरल हो रहा है। इससे पहले भी हरियाणा चुनाव के दौरान यह वीडियो वायरल हो चुका है। अब कुछ यूजर्स वीडियो को फिर से फर्जी दावे के साथ वायरल करते हुए कह रहे हैं कि मनोज तिवारी ने इस्‍लाम स्‍वीकार कर लिया है। वायरल वीडियो में मनोज तिवारी को दरगाह में देखा जा सकता है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पहले भी इस वीडियो की पड़ताल की थी। दरअसल यह वीडियो हरियाणा विधानसभा के दौरान भी खूब वायरल हुआ था। सच्‍चाई यह है कि मनोज तिवारी के दिल्‍ली के बाबा निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जाने के पुराने वीडियो को झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। ओरिजनल वीडियो 14 जून 2018 का है। उस वक्‍त मनोज तिवारी निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह पर गए थे। पूरी पड़ताल को आप यहां पढ़ सकते हैं।

अब कौन कर रहा है वायरल

फेसबुक यूजर राहुल सेन ने 1 फरवरी 2020 को पुराने वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा : ”भक्तों के छोटे पापा मनोज तिवारी ने इस्लाम कबूल कर लिया”

जब हमने राहुल सेन के फेसबुक अकाउंट की सोशल स्‍कैनिंग की तो हमें पता चला कि 2017 को यह अकाउंट बनाया गया था। इस अकाउंट पर एक खास विचारधारा के खिलाफ ज्‍यादा पोस्‍ट अपलोड होती है।

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल को विस्‍तार से पढ़ने के लिए यह पढ़ें

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि जिस पोस्‍ट को ‘मनोज तिवारी के इस्‍लाम स्‍वीकार’ करने के नाम पर वायरल किया जा रहा है, वह फर्जी है। वायरल वीडियो 14 जून 2018 का है। उस वक्‍त मनोज तिवारी निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह पर गए थे।

  • Claim Review : दावा किया जा रहा है कि मनोज तिवारी ने इस्‍लाम स्‍वीकार कर लिया।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर राहुल सोनी
  • Fact Check : झूठ
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