Fact Check: देवकीनंदन ठाकुर ने नहीं कही मंत्रों से बच्चा पैदा करने की बात, फर्जी पोस्ट वायरल
विश्वास न्यूज की जांच में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के नाम पर वायरल हो रहा बयान फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्स के पोस्टकार्ड का गलत इस्तेमाल करते हुए वायरल पोस्ट तैयार की गई है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jan 17, 2026 at 04:55 PM
- Updated: Jan 17, 2026 at 05:03 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बयान के नाम पर सोशल मीडिया पर एक पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है। इसमें ऊपर नवभारत टाइम्स का लोगो भी लगा हुआ है। इसमें देवकीनंदन ठाकुर की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया कि शूद्र जातियों के लोग संभोग द्वारा बच्चे पैदा करते हैं। जबकि ब्राह्मण शादी के बाद बिना संभोग के अपने मंत्रों की शक्तियों से बच्चा पैदा करते हैं। इस बयान को देवकीनंदन ठाकुर का बयान समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। यह पोस्टकार्ड फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्स के पोस्टकार्ड का दुरुपयोग करके इसे बनाया गया है। देवकीनंदन ठाकुर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि इसमें दावा किया गया है। नवभारत टाइम्स ने भी पोस्टकार्ड को फेक बताया। देवकीनंदन ठाकुर ने भी इसे फर्जी बताया।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर गंगा सहाय मीणा ने 17 जनवरी 2026 को एक पोस्ट कार्ड को शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि देवकीनंदन ने कहा, “शूद्र जातियों के लोग संभोग द्वारा बच्चे पैदा करते हैं। जबकि ब्राह्मण शादी के बाद बिना संभोग के अपने मंत्रों की शक्तियों से बच्चा पैदा करते हैं।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने नवभारत टाइम्स के नाम पर वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें इससे जुड़ी कोई खबर नहीं मिली।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्स के एक्स हैंडल को स्कैन किया। यहां सर्च करने पर हमें 17 जनवरी 2026 की एक पोस्ट मिली। इसमें वायरल पोस्ट को फेक बताते हुए असली पोस्ट को भी शेयर किया। पोस्ट के साथ लिखा गया, “पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई पोस्ट वायरल हो रही हैं और उन फ़र्ज़ी पोस्ट के जरिये भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं. इस पोस्ट में दो तस्वीरें लगी हैं, जिनमें से एक फेक है और एक असली है. NBT की किसी भी खबर की सत्यता जांचने के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें।”
एनबीटी की एक्स पोस्ट के असली पोस्ट का लिंक भी दिया गया था। इससे पता चला कि 13 जनवरी 2026 की असली पोस्ट के साथ छेड़छाड़ करके वायरल पोस्ट बनाई गई है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्स डिजिटल के संपादक अखिलेश श्रीवास्तव से संपर्क किया। उन्होंने वायरल पोस्ट को फर्जी बताते हुए कहा कि हमने अपने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट का खंडन कर दिया है। नवभारत टाइम्स के नाम पर पर वायरल हो रहीं ऐसी पोस्ट फर्जी हैं।
पड़ताल के दौरान हमने देवकीनंदन ठाकुर के सोशल मीडिया हैंडल्स को स्कैन किया। हमें वहां 17 जनवरी 2026 की एक पोस्ट मिली। इसमें वायरल पोस्ट को फेक बताते हुए विस्तार से लिखा गया, “कुछ असामाजिक तत्व फर्जी सनातनी प्रोफाइल बनाकर, झूठी खबरें फैलाने और प्रतिष्ठित चैनलों व मंचों के नामों का गलत इस्तेमाल कर सनातनियों को भ्रमित एवं विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह एक सोची-समझी साजिश और फर्जी एजेंडा के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सनातनी एकता को कमजोर करना है। AI के माध्यम से आजकल फर्जी वीडियो और झूठे बयान तैयार किए जा रहे हैं, ताकि सनातनियों के बीच भ्रम, मतभेद और अविश्वास पैदा किया जा सके। सभी सनातनियों से विनम्र निवेदन है कि किसी भी पोस्ट, खबर या वीडियो पर तुरंत विश्वास न करें। जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य करें। खबर को ऑफिशियल वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट या विश्वसनीय स्रोत से जांचें। सनातन की शक्ति हमारी एकता, विवेक और सत्यनिष्ठा में है। भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें, सच के साथ खड़े रहें और सनातन धर्म की गरिमा को बनाए रखें।”
पड़ताल के अंत में हमने गंगा सहाय मीणा नाम के यूजर की जांच की । पता चला कि यूजर को फेसबुक पर 46 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर पेशे से शिक्षक हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की जांच में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के नाम पर वायरल हो रहा बयान फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्स के पोस्टकार्ड का गलत इस्तेमाल करते हुए वायरल पोस्ट तैयार की गई है।
- Claim Review : देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि ब्राह्मण लोग मंत्रों से बच्चा पैदा करते हैं।
- Claimed By : FB User Ganga Sahay Meena
- Fact Check : झूठ
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