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Fact Check: झूठे दावे के साथ वायरल की जा रही है आग की तस्वीर

  • By Vishvas News
  • Updated: March 2, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक बिल्डिंग में लगी आग को देखा जा सकता है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह एक मस्जिद में लगी आग की तस्वीर है।

Vishvas News की जांच में दावा गलत निकला। यह तस्वीर किसी मस्जिद की आग की नहीं, 2 मार्च 2016 को स्टेफोर्ड में एक औद्योगिक एस्टेट में एक केमिकल फैक्ट्री में लगी आग की है।

क्या हो रहा है वायरल

इस पोस्ट को Ajay Yadav नाम के एक यूजर ने ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नाम के पेज पर शेयर किया था। इस तस्वीर के साथ लिखा था “मस्जिद में दी जा रही थी बम बनाने की ट्रेनिंग, धमाके में 30 आतंकवादी की मौत”

इस पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन को यहां क्लिक कर देखा जा सकता है।

पड़ताल

हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च टूल का इस्तेमाल कर ढूंढा। हमें यह तस्वीर gettyimages.in और eyeem.com पर मिली। दोनों ही जगह इस तस्वीर को खींचने वाले फोटोग्राफर का नाम रिचर्ड स्पीलर बताया गया था।

कीवर्ड्स के साथ ढूंढ़ने पर हमें यह तस्वीर रिचर्ड स्पीलर के फेसबुक अकाउंट पर भी 2 मार्च 2016 को अपलोड किया गया था। इस तस्वीर के साथ बताया गया था कि यह तस्वीर स्टैफ़ोर्ड में लगी आग की है।

हमने इसके बाद कीवर्ड्स और टाइम टूल की मदद से सर्च किया। हमें theguardian.com की एक खबर में इस आग के बारे में पूरी जानकारी मिली। खबर के अनुसार घटना तब की है जब स्टैफ़ोर्ड में की एक कैमिकल फैक्ट्री में आग लग गयी थी।

इस विषय में ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने रिचर्ड स्पीलर से फेसबुक मैसेंजर के ज़रिये संपर्क साधा। उन्होंने कहा “यह तस्वीर पुरानी है। यह एक केमिकल फैक्ट्री में लगी आग की तस्वीर है।”

विश्वास न्यूज ने इस वायरल दावे को शेयर करने वाले पेज मोदी है तो मुमकिन है ✅ के प्रोफाइल को स्कैन किया। हमने पाया कि पेज के 312.2K फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: Vishvas News की जांच में दावा गलत निकला। यह तस्वीर किसी मस्जिद की आग की नहीं, 2 मार्च 2016 को स्टेफोर्ड में एक औद्योगिक एस्टेट में एक केमिकल फैक्ट्री में लगी आग की है।

  • Claim Review : मस्जिद में दी जा रही थी बम बनाने की ट्रेनिंग, धमाके में 30 आतंकवादी की मौत
  • Claimed By : मोदी है तो मुमकिन है
  • Fact Check : झूठ
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