Fact Check: सपा की टोपी पहने यूपी सरकार पर तंज कसते हुए सिपाही का वीडियो पुराना, भ्रामक दावे से वायरल
सपा की टोपी पहने हंगामा करते पुलिसकर्मी के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2019 का है। जब एक सिपाही ने डीएम ऑफिस के सामने जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया था। वो सपा की टोपी पहनकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहा था।
- By: Pragya Shukla
- Published: Aug 12, 2025 at 04:10 PM
- Updated: Aug 12, 2025 at 05:15 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पुलिस की वर्दी पहने और सिर पर समाजवादी पार्टी की टोपी लगाए हुए एक शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में शख्स को उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करते और योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तंज कसते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को हाल का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2019 का है। जब एक सिपाही ने डीएम ऑफिस के सामने जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया था। वो सपा की टोपी पहनकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहा था।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘मोहम्मद सलमान शेख’ ने 10 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “यूपी पुलिस की वर्दी में लाल टोपी पहने व्यक्ति साफ़ साफ़ कह रहा भ्रष्टाचारी सरकार है, नौकरी की परवाह बाद में। समाजवादी कहीं भी होंगे जनता के लिए लड़ने में पीछे नहीं हटेंगे।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो एमएसएस न्यूज 24X7 नाम के यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 16 जून 2019 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, एक सिपाही ने डीएम ऑफिस के बाहर वर्दी में सिर पर सपा की टोपी लगाकर हंगामा किया।
दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 15 जून 2019 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “इटावा के कचहरी परिसर में पीएसी के एक सिपाही मुनेश यादव समाजवादी पार्टी की टोपी लगाकर योगी आदित्यनाथ की सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहा था। मुनेश जब जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिस वालों ने उसे घेरे में लेने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से गायब हो गया। पुलिस उसके घर भी पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। उसके परिवार वालों के मुताबिक वह अवकाश पर घर आया था। कचहरी कैसे पहुंचा नहीं मालूम। उसकी पत्नी रूबी ने बताया कि मुनेश शराब पीता है और घर आने पर मारपीट करता है। किसी ने शराब पिलाकर उनसे यह कार्य करवाया है।”
अमर उजाला की वेबसाइट पर 16 जून 2019 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, “पीएसी जवान मुनेश यादव को डीजीपी ने अनुशासनहीनता में बर्खास्त कर दिया था। हालांकि, जिला स्तर पर इसकी कोई पुष्टि नहीं की थी। इसे लेकर डीएम जेबी सिंह का कहना था कि सिपाही मुझसे नहीं मिला। कलेक्ट्रेट परिसर में सिपाही के घूमने की जानकारी मीडिया कर्मियों ने मुझे भी दी थी।”

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण इटावा के जिला प्रभारी गौरव दुदेजार से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वीडियो करीब छह साल पहले हुए एक घटना का है। हाल-फिलहाल में यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया है। यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सपा की टोपी पहने हंगामा करते पुलिसकर्मी के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2019 का है। जब एक सिपाही ने डीएम ऑफिस के सामने जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया था। वो सपा की टोपी पहनकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहा था।
- Claim Review : सिपाही ने सपा की टोपी पहनकर डीएम ऑफिस के बाहर यूपी सरकार की आलोचना की।
- Claimed By : FB User Mohammad Salman Sheikh
- Fact Check : भ्रामक
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