Fact Check: IIT दिल्ली और चंडीगढ़ के कॉलेज के कार्यक्रमों के वीडियो को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा वायरल
युवतियों के डांस के वायरल हो रहे दोनों वीडियो को लेकर किया जा रहा समान दावा फेक साबित हुआ। पहला वीडियो आईआईटी दिल्ली के सालाना कार्यक्रम में हुए डांस बैटल का है, जबकि दूसरा वीडियो चंडीगढ़ की एक यूनिवर्सिटी में हुए कॉलेज फेस्ट का है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Oct 6, 2026 at 04:39 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारतीय चुनाव आयोग ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विवादों में है। देश के कई हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इसी से जोड़कर कुछ युवतियों के डांस करने के दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन्हें शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रोटेस्ट के हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में दोनों वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा फेक साबित हुआ। असल में दोनों ही वीडियो जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के नहीं हैं। पहला वीडियो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), दिल्ली के एक सालाना कार्यक्रम का है। वहीं दूसरा वीडियो, मार्च 2026 में चंडीगढ़ के एक कॉलेज में हुए कार्यक्रम का है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘नित्या सात्वीक’ ने 4 अक्टूबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “अगर मैं धर्मेंद्र प्रधान या ज्ञानेश कुमार की जगह होता, तो इस्तीफ़ा देने के बजाय मंत्रालय और CEC की कुर्सी उठाकर सीधे Jantar Mantar पहुँच जाता। वहीं बैठकर अपना कामकाज करता और साथ ही वामपंथी, लेप्टीस्ट, आपिए कॉकरोचों के नृत्य का आनंद भी उठाता।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

एक अन्य वीडियो को 5 अक्टूबर 2026 को शेयर करते हुए एक्स यूजर ‘Janardan Mishra’ ने कैप्शन में लिखा, “इस मुजरे को देखकर तो लगता है कि ये ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं मांग रहे हैं बल्कि ज्ञानेश कुमार के सम्मान में में मुजरा कर रहे हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
दोनों वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनकी अलग-अलग जांच की। सबसे पहले हमने डांस बैटल कर रही युवतियों के वीडियो की जांच की। फिर हमने ग्रुप में एक साथ नाच रही युवतियों के वीडियो की पड़ताल की।
पहला वीडियो
पहले वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसे गौर से देखा। हमें इस वीडियो में जमीन पर ‘Street Dance Battle’ लिखा हुआ दिखा। पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें ‘EduScientiaIITDelhi’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर दूसरे एंगल से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला। इस वीडियो को 2 अक्टूबर 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो आईआईटी दिल्ली के सालाना कार्यक्रम ‘Rendezvous’ का है, जहां छात्रों के लिए डांस प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया था।
पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो ‘dev_perspective’ नाम के एक अन्य यूट्यूब चैनल पर इसी जानकारी के साथ 4 अक्टूबर 2026 को शेयर किया हुआ मिला।
फेसबुक पर हमें ‘Rendezvous’ के स्ट्रीट डांस बैटल के कई अन्य वीडियो भी मिले। इन सभी वीडियो में बैकग्राउंड हूबहू एक जैसा है और छात्रों के बीच डांस बैटल हो रहा है।
दूसरा वीडियो
दूसरे वीडियो के बारे में जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से इसके भी कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें यह वीडियो ‘policypartner2’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 7 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। कैप्शन में वीडियो को चंडीगढ़ के एक कॉलेज फेस्ट का बताया गया है।

जांच के दौरान हमें यह दूसरा वायरल वीडियो ‘Sd Flashzoom’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर 7 मार्च 2026 को शेयर किया हुआ मिला। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक वीडियो चंडीगढ़ के एक कॉलेज कार्यक्रम का है। वीडियो में चंडीगढ़ के ‘SD College’ को टैग भी किया गया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों को कवर करने वाले ‘दैनिक जागरण’ के रिपोर्टर निमेश हेमंत से संपर्क किया। हमने दोनों वायरल वीडियो उनके साथ शेयर किए। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। दोनों ही वीडियो जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के नहीं हैं।
क्या है संदर्भ?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) जैसे अहम मुद्दों पर चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद होने का दावा किया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद 27 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
‘आजतक’ की वेबसाइट पर 6 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए सभी नेता चुनाव आयोग के ऑफिस की ओर जा रहे थे। बीच में ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।”
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल करने वाले फेसबुक यूजर ‘नित्या सात्वीक’ के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को आठ हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को महाराष्ट्र का रहने वाला बताया है और वह 30 जनवरी 2020 से फेसबुक पर सक्रिय है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में युवतियों के डांस के वायरल हो रहे दोनों वीडियो को लेकर किया जा रहा समान दावा फेक साबित हुआ। पहला वीडियो आईआईटी दिल्ली के सालाना कार्यक्रम में हुए डांस बैटल का है, जबकि दूसरा वीडियो चंडीगढ़ की एक यूनिवर्सिटी में हुए कॉलेज फेस्ट का है।
- Claim Review : जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में डांस करते प्रदर्शनकारियों के वीडियो।
- Claimed By : FB User नित्या सात्वीक
- Fact Check : झूठ
- Video Posted by YT Handel EduScientiaIITDelhi, Dated 2 Oct 2026
- Video Posted by YT Handel dev_perspective, Dated 4 Oct 2026
- Video Posted by Inst policypartner2, Dated 8 Mar 2026
- Video Posted by FB Handel Sd Flashzoom, Dated 7 Mar 2026
- News Report by The Indian Express, Dated 25 Sep 2026
- News Report by BBC, Dated 27 Sep 2026
- News Report by AajTak, Dated 6 Oct 2026
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