Fact Check: वेज खाने में हड्डी मिलाने का यह मामला गोरखपुर का, भ्रामक दावे से हुआ वायरल
शाकाहारी खाने में हड्डी मिलाते युवकों के वीडियो को भ्रामक दावे से वायरल किया जा रहा है। असल में यह वीडियो गोरखपुर में हुई घटना का है। कुछ लोगों ने वेज खाने में हड्डी मिलाने के बाद हंगामा किया था। पुलिस ने मामले को आकर संभाल किया था। पुलिस ने बताया है कि वो लोग कांवड़िये नहीं थे।
- By: Pragya Shukla
- Published: Aug 5, 2025 at 03:58 PM
- Updated: Aug 5, 2025 at 04:56 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक रेस्टोरेंट में खाने में कुछ मिलाते युवकों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर में स्थित लकी शुद्ध ढाबे का है। जहां पर कांवड़ियों ने वेज बिरयानी में चिकन की हड्डी मिला दी। फिर इस बात को लेकर जमकर हंगामा किया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में यह वीडियो गोरखपुर में हुई घटना का है। कुछ लोगों ने वेज खाने में हड्डी मिलाने के बाद हंगामा किया था। पुलिस ने मामले को आकर संभाल किया था। पुलिस ने बताया है कि वो लोग कांवड़िये नहीं थे।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘हुमा नकवी’ ने 3 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “योगी के राम राज्य उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर में लकी शुद्ध ढाबा पर सी सी टीवी फुटेज से पता चलता है कि कावड़ियों ने वेज बिरियानी में खुद हड्डी रखी थी… और फिर कावड़ियों ने वेज बिरयानी में चिकन की हड्डी मिलने का बता कर ढाबे में तोड़ फोड़ मचा दी थी… ढाबे के मालिक ने सी सी टीवी फुटेज का वीडियो वायरल किया, जिसमे साफ देखा जा सकता है दंगई ख़ुद अपनी प्लैट में उस हड्डी को रख रहे थे… ये है धर्म के नाम पर आतंकवाद… खाने के पैसे न देने पड़ें इसके लिए ये नीचता का कार्य अंजाम दिया गया… ज़िम्मेदार कौन?”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट एनडीटीवी की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 3 अगस्त 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, मामला गोरखपुर के शास्त्री चौक स्थित बिरयानी बे रेस्टोरेंट का है। जहां पर वेज बिरयानी में हड्डी मिलने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। फिर पुलिस और रेस्टोरेंट संचालक ने कार्रवाई की तो पता चला कि युवकों ने खुद ही खाने में हड्डी मिलाई थी।

आजतक की वेबसाइट पर 4 अगस्त 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “रेस्टोरेंट में हंगामा शुरू होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और सीसीटीवी फुटेज देखे। फुटेज देखने के बाद पुलिस ने हंगामा कर रहे लड़कों को वहां से हटा दिया। अब इस मामले में रेस्टोरेंट संचालक रविकर सिंह ने खुद एक सीसीटीवी वीडियो जारी किया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक नॉन-वेज प्लेट से हड्डी उठाकर अपने वेज खाने वाले दोस्त की थाली में डाल रहा है। रविकर सिंह ने बताया कि वे कई सालों से यह व्यवसाय कर रहे हैं और किसी की भावना को ठेस पहुंचाना उनका मकसद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि वे अब इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत देंगे, ताकि झूठे आरोप लगाने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सके।”

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर भी हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट इसी जानकारी के साथ मिली। अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर देखा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए हमने थाना कैंट के सीओ योगेंद्र सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा भ्रामक है। युवक विद्यार्थी थे। पैसों के लेनदेन को लेकर यह विवाद हुआ था। उन्होंने खुद खाने में हड्डी मिलाई थी। वो कांवड़िये नहीं थे।
हमने इस स्टोरी को कवर करने वाले गोरखपुर दैनिक जागरण के रिपोर्टर सतीश पांडे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि ये युवक वहीं के विद्यार्थी थे। ये लोग कांवड़िये नहीं थे। बिल न भरना पड़े इसलिए इन्होंने वेज खाने में हड्डी मिलाई थी और फिर हंगामा करने लगे। हंगामें को बढ़ता देख पुलिस को बुलाया गया। फिर पुलिस ने मामले को सुलझाया था।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करती है। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को बेंगलुरु की रहने वाली बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि शाकाहारी खाने में हड्डी मिलाते युवकों के वीडियो को भ्रामक दावे से वायरल किया जा रहा है। असल में यह वीडियो गोरखपुर में हुई घटना का है। कुछ लोगों ने वेज खाने में हड्डी मिलाने के बाद हंगामा किया था। पुलिस ने मामले को आकर संभाल किया था। पुलिस ने बताया है कि वो लोग कांवड़िये नहीं थे।
- Claim Review : मुजफ्फरनगर में कावड़ियों ने वेज खाने में हड्डी मिलाने के बाद किया हंगामा।
- Claimed By : FB User Huma Naqvi
- Fact Check : भ्रामक
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