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Fact Check: भूस्खलन के वायरल वीडियो को गलत दावों के साथ चंबा और धराली का बताकर किया जा रहा वायरल 

भूस्खलन के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। पहला वीडियो भारत का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का है। दरअसल साल 2024 में भारी बारिश के कारण इंडोनेशिया के वेस्ट सुमात्रा प्रांत में लैंडस्लाइड हुई थी। यह वीडियो उसी घटना का है, जबकि दूसरा वीडियो एआई की मदद से जेनरेट किया गया है, जिसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Aug 8, 2025 at 02:56 PM
  • Updated: Mar 26, 2026 at 05:11 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारी बारिश के कारण उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की समस्या देखने को मिल रही है। भूस्खलन के कारण कुछ लोग की मौत हो चुकी है। आपदा से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो रही है। एक वीडियो में भूस्खलन की चपेट से बचकर निकलते एक ट्रक को देखा जा सकता है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह हिमाचल के चंबा में हुई घटना का है। वहीं, इसी तरह का एक दूसरा वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक बस को भूस्खलन की चपेट में आते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह घटना उत्तराखंड के धराली में बादल फटने के कारण हुई है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। पहला वीडियो भारत का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का है। दरअसल साल 2024 में भारी बारिश के कारण इंडोनेशिया के वेस्ट सुमात्रा प्रांत में लैंडस्लाइड हुई थी। यह वीडियो उसी घटना का है। जबकि दूसरा वीडियो एआई की मदद से जेनरेट  किया गया है, जिसे अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘विजय ठाकुर’ ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “चम्बा हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

इंस्टाग्राम यूजर chakresh_yadav_05 ने 6 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने और उसके बाद बाढ़ के दृश्य बेहद डरावने हैं। इस हादसे में कई लोगों के मारे जाने और लापता होने की खबर है। भगवान बद्री-केदार जी मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें और सभी की रक्षा करे।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

पहले वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से उसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन इंडोनेशिया के यूट्यूब चैनल KompasTV Jawa Barat पर मिला। वीडियो को 18 मई 2024 को अपलोड हुआ मिला। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो इंडोनेशिया में हुई घटना का है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट इंडोनेशिया की वेबसाइट video.sindonews पर मिली। रिपोर्ट को 17 मई 2024 को प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, घटना इंडोनेशिया के वेस्ट सुमात्रा प्रांत की है। जब पडांग शहर के सितिंजौ लौइक मार्ग (Sitinjau Lauik Route) पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ था। ।

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण चंबा के प्रभारी सुरेश ठाकुर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि चंबा में लैंडस्लाइड की समस्या देखने को मिली है, लेकिन यह वीडियो यहां का नहीं है।

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 6 अगस्त 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। मंडी जिले में सराज, बल्ह, गोहर व सदर क्षेत्र में ज्यादा नुकसान किया है। उपमंडल ठियोग में मंगलवार दोपहर नेरी पुल स्थित शिव मंदिर के पास कार पर चट्टान गिरने से युवक की मौत हो गई।  राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने 20 जून 2025 से अब तक 192 लोगों की कुल मृत्यु की सूचना दी है। इनमें से 106 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटने और डूबने जैसी वर्षाजनित आपदाओं के कारण हुईं, जबकि इसी अवधि के दौरान 86 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली गई।”

दूसरे वीडियो का सच जानने के लिए हमने उसे गौर से देखा। हमने पाया कि जब लैंडस्लाइड होती है, बस का मुंह पीछे की तरफ बन जाता है। लैंडस्लाइड से पहले वहां पर एक गाड़ी  होती है, जबकि भूस्खलन के समय वहां पर अचानक से दो गाड़ियां हो जाती हैं। ऐसे में हमें वीडियो के एआई से बने होने की संभावना हुई।

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए एआई डिटेक्शन टूल cantilux का इस्तेमाल किया। टूल ने 86 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

newsonair की वेबसाइट पर 8 अगस्त 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया, ”उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा का रेस्क्यू काम जारी है। इस विनाशकारी आपदा में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 16 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 9 सैन्यकर्मी भी शामिल हैं। 372 लोगों को इस आपदा से सही सलामत बचाया जा चुका है।”

अंत में हमने फेसबुक यूजर विजय ठाकुर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को तीन हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को हिमाचल प्रदेश का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि भूस्खलन के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। पहला वीडियो भारत का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का है। दरअसल साल 2024 में भारी बारिश के कारण इंडोनेशिया के वेस्ट सुमात्रा प्रांत में लैंडस्लाइड हुई थी। यह वीडियो उसी घटना का है, जबकि दूसरा वीडियो एआई की मदद से जेनरेट किया गया है, जिसे अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

  • Claim Review : चंबा और धराली में आये भूस्खलन का वीडियो।
  • Claimed By : FB User Vijay Thakur
  • Fact Check : झूठ

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