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Fact Check: बलूचिस्तान में RSS के पद संचलन का दावा FAKE, वायरल वीडियो गुजरात में आयोजित तिरंगा यात्रा का है

बलूचिस्तान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के "पथ संचलन" के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में गुजरात के सूरत में आयोजित तिरंगा यात्रा का है, जिसमें सैफी स्काउट ने 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' पर परफॉर्म किया था।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: May 22, 2025 at 06:05 PM
  • Updated: May 22, 2025 at 06:27 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बलूचिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ जारी अलगाववादी आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को “सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा” की धुन पर हो रहे बैंड परफॉर्मेंस में शामिल देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के “पथ संचलन” का है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। वायरल हो रहा वीडियो गुजरात का है और इसमें परफॉर्म कर रहा बैंड, सैफी स्काउट बैंड है, जिसने सूरत में तिरंगा यात्रा के दौरान यह परफॉर्मेंस दिया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद गुजरात के सूरत में इस तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘भारतीय विचारक’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “बलूचिस्तान में आरएसएस का पद संचलन…आपने नाम सुना होगा RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ..ये आजकल बलूचिस्तान में एक्टिवेट हो गया है देखिये।”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

https://twitter.com/ArvindS13687548/status/1925153868918534433

पड़ताल

वायरल वीडियो के साथ किए गए दावे की जांच से पहले हमने इस वीडियो के प्रत्येक फ्रेम को सावधानीपूर्वक देखा। वीडियो में नजर आ रहा कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पोशाक में नजर नहीं आ रहा है। पथ संचलन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य पूर्ण गणवेश में नजर आते हैं।

एक फ्रेम में जहां हमें बैंड बजा रहे व्यक्ति के बैंड पर ‘सैफी स्काउट सूरत’ लिखा नजर आया, वहीं दूसरे फ्रेम में नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला एक बैनर नजर आया, जिस पर तिरंगा यात्रा लिखा हुआ है।

वायरल वीडियो में नजर आ रहे विजुअल का स्क्रीनशॉट, जिसमें सूरत और तिरंगा यात्रा का संदर्भ है।

इसी आधार पर सर्च करने पर हमें world_of_mumineen_band नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर यह वीडियो मिला, जिसमें इसे सूरत में आयोजित तिरंगा यात्रा का बताया गया है।

हमें यह वीडियो saifeescoutsurat के आधिकारिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर भी लगा मिला, जिसे समान संदर्भ में शेयर किया गया है। पेज पर दी गई जानकारी के मुताबिक, सूरत का सैफी स्काउट एक म्यूजिक बैंड है, जिसकी शुरुआत 1954 में “सैयदना अली कादर मुफद्दल सैफुद्दीन (टीयूएस)” की खिदमत में हुई थी।

इस प्रोफाइल पर हमें इस बैंड के अन्य परफॉर्मेंस का वीडियो भी मिला। वायरल वीडियो के एक फ्रेम में हमें ‘RAMBHAROSE’ लिखा हुआ नजर आया।

वायरल वीडियो में नजर आ रहा विजुअल।

हमने इस लोकेशन को चेक करने के लिए गूगल मैप के स्ट्रीट व्यू की मदद ली। इसमें नजर आ रहा लोकेशन सूरत के 10 भागा तलाव मेन रोड का है। स्ट्रीट व्यू में नजर आ रहा लोकेशन बिलकुल वही है, जो वायरल वीडियो में नजर आ रहा है।

गूगल स्ट्रीट व्यू में नजर आ रही सूरत की वह जगह, जो वायरल वीडियो में नजर आ रही है।

न्यूज सर्च में हमें15 मई 2025 को इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें सूरत में तिरंगा यात्रा को निकाले जाने का जिक्र है।

रिपोर्ट के मुताबिक,  इस यात्रा में सूरत के  सैफी स्काउट, के परफॉर्मेंस का जिक्र है। आईएएनएस टीवी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर भी इस यात्रा का वीडियो मौजूद है, जिसके बैकग्राउंड में सैफी स्काउट के परफॉर्मेंस की धुन को सुना जा सकता है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने हमारे सहयोगी गुजराती जागरण के सूरत में मौजूद स्थानीय पत्रकार मयूर ठक्कर से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह सूरत में ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित तिरंगा यात्रा का है। जो जगह वीडियो में नजर आ रहा है, वह सूरत का भागल चौक है।”

वायरल वीडियो को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की फेसबुक प्रोफाइल विचारधारा विशेष से प्रेरित है।

निष्कर्ष: बलूचिस्तान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के “पथ संचलन” के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में गुजरात के सूरत में आयोजित तिरंगा यात्रा का है, जिसमें सैफी स्काउट ने ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा’ पर परफॉर्म किया था।

  • Claim Review : बलूचिस्तान में आरएसएस का पद संचलन।
  • Claimed By : FB User-भारतीय विचारक
  • Fact Check : झूठ

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