X
X

Fact Check: पीएम मोदी ने नहीं कही अंग्रेजों को चाय पिलाने वाली बात, फर्जी पोस्‍ट वायरल

विश्वास न्यूज की जांच में पीएम मोदी के नाम पर वायरल हो रहा बयान फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्‍स के पोस्‍टकार्ड का गलत इस्‍तेमाल करते हुए वायरल पोस्‍ट तैयार की गई है।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। असम विधानसभा चुनाव 2026 के बीच नेताओं की रैली और सभाओं का सिलसिला जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के नाम पर सोशल मीडिया पर एक पोस्‍टकार्ड वायरल हो रहा है। इसके ऊपर नवभारत टाइम्‍स (एनबीटी) का लोगो लगा हुआ है। इसमें पीएम मोदी की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए लिखा गया है, “असम से मेरा बहुत पुराना नाता है। बचपन में जब मैं अंग्रेजों को चाय पिलाता था तो अंग्रेज मुझे शाबाशी देते हुए कहते थे कि तू असम का बच्चा लगता है।” इसे पीएम मोदी का बयान समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। यह पोस्‍टकार्ड फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्‍स के पोस्‍टकार्ड का दुरुपयोग करके इसे बनाया गया है। पीएम मोदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि इसमें दावा किया गया है। नवभारत टाइम्‍स ने भी पोस्‍टकार्ड को फेक बताया है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Advocate Amit Pandey’ ने 6 अप्रैल 2026 को एक पोस्‍टकार्ड शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि पीएम मोदी ने कहा, “असम से मेरा बहुत पुराना नाता है बचपन में जब मैं अंग्रेजों को चाय पिलाता था तो अंग्रेज मुझे शाबाशी देते हुए कहते थे तू तो असम का बच्चा लगता है।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने नवभारत टाइम्‍स के नाम पर वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें इससे जुड़ी कोई खबर नहीं मिली।

विश्वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्‍स के एक्‍स हैंडल को स्‍कैन किया। यहां सर्च करने पर हमें 7 अप्रैल 2026 की एक पोस्‍ट मिली। इसमें वायरल पोस्‍ट को फेक बताते हुए असली पोस्‍ट को भी शेयर किया। पोस्‍ट के साथ लिखा गया, “पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई पोस्ट वायरल हो रही हैं और उन फ़र्ज़ी पोस्ट के जरिये भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं. इस पोस्ट में दो तस्वीरें लगी हैं, जिनमें से एक फेक है और एक असली है. NBT की किसी भी खबर की सत्यता जांचने के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें.”

यहां एनबीटी के इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट का एक लिंक भी दिया गया था। इससे पता चला कि पीएम मोदी से जुड़ी 17 मार्च 2026 की असली पोस्‍ट के साथ छेड़छाड़ करके वायरल पोस्‍ट बनाई गई है।

विश्वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्‍स डिजिटल के संपादक अखिलेश श्रीवास्‍तव से संपर्क किया। उन्‍होंने वायरल पोस्‍ट को फर्जी बताते हुए कहा कि हमने अपने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्‍ट का खंडन कर दिया है। नवभारत टाइम्‍स के नाम पर वायरल हो रही ऐसी सभी पोस्‍ट फर्जी हैं।

जांच के दौरान हमें पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो मिला। 1 अप्रैल 2026 को अपलोड इस वीडियो के कैप्‍शन में बताया गया कि पीएम असम के डिब्रूगढ़ के एक चाय के बागान में पहुंचे थे और वहां उन्‍होंने महिला वर्कर्स से बात की थी।

पीएम मोदी असम में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले चुनावी दौरा कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने असम में कई जनसभाएं भी की हैं। 1 अप्रैल 2026 को वह डिब्रूगढ़ में एक चाय बागान में भी पहुंचे थे। पीएम ने वहां काम कर रहे लोगों से मुलाकात की और सेल्फी भी ली। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी शेयर किए हैं। 1 अप्रैल 2026 को उन्होंने इस मुलाकात का एक वीडियो अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, “आज सुबह डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान में, चाय बागान परिवारों की संस्कृति की एक झलक देखने को मिली। असम की प्रगति में उनका योगदान अतुलनीय है। पेश हैं कुछ मुख्य बातें।”

गौरतलब है कि असम के अलावा, केरलम और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा। जबकि, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा।

अंत में फेसबुक यूजर ‘अमित पांडेय’ के अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यह अकाउंट नवंबर 2015 में बनाया गया था। इसे 21 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर यूपी के प्रयागराज का रहने वाला है।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में पीएम मोदी के नाम पर वायरल हो रहा बयान फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्‍स के पोस्‍टकार्ड का गलत इस्‍तेमाल करते हुए वायरल पोस्‍ट तैयार की गई है।

  • Claim Review : पीएम मोदी ने कहा अंग्रेजों को चाय पिलाने वाली बात।
  • Claimed By : FB User Advocate Amit Pandey
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later