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हमारी टीम

हमारी टीम में बेहद प्रतिबद्ध पत्रकार शामिल हैं, जो फेक न्यूज का खुलासा करने के लिए समर्पित हैं। टीम के सभी पत्रकार वेरिफिकेशन टूल का इस्तेमाल काफी बेहतर तरीके से करना जानते हैं। हमारी टीम लगातार इसे सुनिश्चित करने में जुटी हुई है कि कोई भी फेक न्यूज मासूम पाठकों को प्रभावित न करे। हमारा लक्ष्य एक साफ और सुरक्षित सामाजिक व राजनीतिक माहौल बनाने का है। ऐसा इसलिए, ताकि निष्पक्ष फैसले लेने में लोगों की मदद की जा सके।

विश्वास न्यूज टीम के सदस्यों ने एक साल से अधिक समय से किसी बड़े राजनीतिक मसले या अन्य चीजों पर टिप्पणी नहीं की है। सार्वजनिक बहसों में पारदर्शिता और शुचिता लाने के उद्देश्य से हमारी टीम का कोई सदस्य किसी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या उनके काम की वकालत नहीं करता।

हम अपने न्यूजरूम में विविधताओं का पूरा सम्मान करते हैं। हमारी टीम लिंग, उम्र, कौशल और यहां तक कि धार्मिक मान्यताओं के मामले में विविधता से भरी हुई है।

राजेश उपाध्याय

एडिटर इन चीफ
राजेश उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मेनस्ट्रीम मीडिया में 20 वर्षों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में इन्हें एक लंबा अनुभव है। वर्तमान में वे जागरण समूह के डिजिटल आर्म जागरण न्यू मीडिया के एडिटर-इन-चीफ और वाइस प्रेसिडेंट हैं। वे जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और आईआईएम (इंदौर) के एडिटोरियल डेवेलपमेंट प्रोग्राम के पूर्व छात्र हैं। ऑनलाइन मीडिया के लिए कंटेंट की रणनीति तय करने से लेकर उसे अंतिम रूप देने तक हर कार्य में निपुण हैं। गूगल न्यूज़ इनीशिएटिव द्वारा सर्टिफाइड फैक्ट चेक और न्यूज़ वेरिफिकेशन एक्सपर्ट हैं।

फेक न्यूज़ के संबंध में गूगल, फेसबुक, क्राउडटैंगल, आईसीएफजे आदि द्वारा आयोजित अनेक वर्कशॉप अटेंड कर चुके हैं। प्वाइंटर यूनिवर्सिटी द्वारा फेक न्यूज़ पर ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स भी इन्होंने किया है। फैक्ट चेकिंग और न्यूज़ वेरिफिकेशन पोर्टल विश्वास न्यूज़ को मूर्त रूप देने वाले प्रमुख लोगों में से हैं।

प्रत्‍युष रंजन

सीनियर एडिटर
जागरण न्‍यू मीडिया में सीनियर एडिटर (न्‍यूज) प्रत्‍युष रंजन डिजिटल मीडिया में 15 साल से अधिक और मीडिया में 17 साल से अधिक से कार्यरत हैं। डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट, न्‍यूज रूम और एडिटोरियल प्रोसेस मैनेजमेंट, क्रॉस-फंक्‍शनल टीम लीडरशिप, विशद लेखन, संपादन, सर्ज इंजन, सोशल मीडिया ऑप्‍टीमाइजेशन, वीडियो की ऑर्गेनिक ग्रोथ, यूट्यूब जैसे क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता है। जागरण से पहले उन्‍होंने ईटीवी न्‍यूज, इंस्‍टाब्‍लॉग्‍स, इंडिया टुडे डिजिटल, दैनिक भास्‍कर डिजिटल, हिन्दुस्‍तान टाइम्‍स ऑनलाइन, न्‍यूज नेशन डिजिटल और इंडिया टीवी डिजिटल जैसे प्रमुख मीडिया संस्‍थानों में काम किया है। प्रत्‍युष गूगल के सर्टिफाइड फैक्‍ट-चेक ट्रेनर होने के साथ ही गूगल न्‍यूज इंनीशिएटिव ट्रेनिंग वर्कशॉप में ट्रेनर की भूमिका भी निभाते हैं। उन्‍होंने फेसबुक फैक्‍ट चेकिंग के भी कई वर्कशॉप में हिस्‍सा लिया है। दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के हिन्‍दू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएट और पोस्‍ट ग्रेजुएट प्रत्‍युष ने इसी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पीजी डिप्‍लोमा भी किया है।

आशीष महर्षि

समाचार संपादक
आशीष महर्षि जागरण समूह के ऑनलाइन पोर्टल जागरण न्यू मीडिया में सोशल मीडिया मैनेजर हैं। इन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 12 सालों का अनुभव है। इन्होंने टीवी18 के मुंबई और दैनिक भास्कर समूह में कार्य किया है। दैनिक भास्कर के ऑनलाइन एडिशन भास्कर.कॉम और इंडिया टुडे समूह के वेबसाइट लल्लन.टॉप में भी इन्होंने काम किया है। इन्होंने गूगल सर्टिफाइड ट्रेनर द्वारा आयोजित पंचदिवसीय वर्कशॉप और प्वाइंटर यूनिर्सिटी के ई-लर्निंग शॉर्ट-टर्म कोर्स हैंड्स ऑन फैक्ट चेकिंग भी अटेंड किया है।

संशोधन

1: 29 जुलाई, 2018:

विश्वास न्यूज ने यह नोटिस किया कि 29 जुलाई रात 8:30 पर विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक मिली है। ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि विश्वास टीम के एक सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0043) ने गलती से हमारी अपनी ही खबर को फेसबुक डैशबोर्ड में रेट कर दिया था। उन्होंने विश्वास न्यूज के फैक्ट चेक रिफ्रेंस आर्टिकल को ही इस रेटिंग से संबंधित कैटिगरी में सबमिट कर दिया। यही वजह रही कि विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक मिला। बाद में उन्होंने इस रेटिंग में जरूरी संशोधन किए।

यहां उस स्टोरी का लिंक दिया गया जिसे गलती से ‘फाल्स’ रेटिंग दे दी गई थी- https://www.vishvasnews.com/health/fact-check-post-claiming-caripill-cures-dengue-in-48-hours-is-misleading-2/

2: मई 7, 2020
विश्वास न्यूज के एक अन्य सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0058) ने वायरल हो रहे एक वीडियो पर स्टोरी की. जिसमें दावा किया गया था कि ये ऋषि कपूर का आखिरी वीडियो है. वीडियो में अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवा के गाने को कपूर सुन रहे थे और उसकी तारीफ कर रहे थे. जब सबसे पहले ये स्टोरी की गई तो टीम के पहले सदस्य   (एम्पलॉय आईडी PN0043) ने फेसबुक डैशबोर्ड पर इसे ‘वीडियो ओनली’ (सिर्फ वीडियो) के साथ रेट किया. बाद में इस रेटिंग को ‘वीडियो विद टैक्स्ट टुगेदर’ (वीडियो और साथ में लिखा टैक्स्ट) के ऑप्शन के साथ बदला गया.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-no-this-not-the-last-video-of-rishi-kapoor-viral-claim-is-fake/

3: मई 31, 2020
हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई एक स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-nepals-old-photo-goes-viral-in-the-name-of-india-this-photo-has-no-relation-with-lockdown/

4: जून 4, 2020
विश्वास न्यूज के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) द्वारा की गई स्टोरी में कांग्रेस विधायक को पार्टी से सस्पेंड किया जाना लिखा गया था, जो कि सही नहीं था. गलती सामने आने पर उस स्टोरी में सही जानकारी शामिल की गई और इस संबंध में डिस्क्लेमर भी शामिल किया गया.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-aditi-singh-a-suspeneded-mla-from-congress-did-not-join-bjp-with-5-mlas-viral-post-is-fake/

पल्लवी मिश्रा

मैनेजर क्वालिटी चेक
पल्लवी मिश्रा वर्तमान में जागरण समूह के ऑनलाइन पोर्टल जागरण न्यू मीडिया के अंग्रेजी वेबसाइट के लिए क्वालिटी चेक मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वे स्टोरी से संबंधित प्रूफ रीडिंग, वेरिफिकेशन, फैक्ट चेकिंग करने के साथ-साथ वैल्यू एडिशन का काम करती हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया में 8 साल का अनुभव है। जागरण समूह ज्वाइन करने से पहले पल्लवी ने एनडीटीवी, इंडिया टुडे और आईएएनएस में काम किया है। इन्होंने गूगल सर्टिफाइड ट्रेनर द्वारा आयोजित पंचदिवसीय वर्कशॉप को भी अटेंड किया है। इन्होंने क्राउडटैंगल ट्रेनिंग वर्कशॉप भी अटेंड किया है। इसके अलावा वे प्वाइंटर यूनिवर्सिटी के शॉर्ट टर्म ई-लर्निंग कोर्स हैंड्स ऑन फैक्ट चेकिंग सर्टिफाइड हैं।

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1: 03 जुलाई, 2019

विश्वास न्यूज टीम के सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0065) ने एक फैक्ट चेक स्टोरी की। यह स्टोरी फेसबुक पर वायरल एक पोस्ट पर थी जिसमें आइसक्रीम वेंडर की तस्वीर का इस्तेमाल इस दावे के साथ किया गया था, ‘गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले #राकेश (#दलित) को #जयश्रीराम ना कहने पर #मुसलमान समझकर #भगवागुंडों ने मारा पीटा।’

विश्वास टीम के सदस्य ने इस फेसबुक पोस्ट में किए गए फर्जी दावे का खुलासा किया और असल तथ्यों पर आधारित स्टोरी पब्लिश की। बाद में, विश्वास टीम की दूसरी सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0046) ने इसी यूजर की पोस्ट को फेसबुक पर रेट कर किया।

यहां नीचे उस स्टोरी का लिंक दिया गया है जिसे टीम ने फेसबुक यूजर के फर्जी दावे की पड़ताल और उसका खुलासा करते हुए पब्लिश किया था- https://www.vishvasnews.com/society/fact-check-ice-cream-vendors-image-viral-with-fake-claim/

बाद में टीम की दूसरी सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0046) ने पाया कि फेसबुक पर दूसरे यूजर्स भी इसी तस्वीर को वैसे ही दावे के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच गलती से उन्होंने एक ऐसी पोस्ट को रेट कर दिया जिसमें इसी तस्वीर का इस्तेमाल था लेकिन जिसका विवरण सही था और इसमें लिखा था, ”गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले को मारा पीटा पैसे छीनने का आरोप”। फेसबुक पेज के मालिक ने इस मामले को हमारे साथ साझा किया। हमने गाइडलाइंस और हमारी संशोधन नीति के मुताबिक पोस्ट की रेटिंग में जरूरी बदलाव किए।

2: मई 31, 2020
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0046) ने इस स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-no-labour-ministry-is-not-giving-rs-1-2-lakh-to-labourers-who-worked-between-1990-2020/

अभिषेक पाराशर

मुख्य उप संपादक
जागरण न्यू मीडिया में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे अभिषेक पराशर का डिजिटल मीडिया में 5 सालों से अधिक का अनुभव है। वह मीडिया में पिछले करीब 9 सालों से काम कर रहे हैं। आर्थिक खबरें, उसकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है।
जागरण न्यू मीडिया में आने से पहले वह न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई-भाषा), बिजनेस स्टैंडर्ड (हिंदी), इकोनॉमिक टाइम्स, कैच न्यूज (संस्थापक टीम के सदस्य) और न्यूज नेशन डिजिटल (संस्थापक टीम के सदस्य) में काम कर चुके हैं। अभिषेक प्रशिक्षित फैक्ट चेकर हैं, जिन्होंने फेक न्यूज के खिलाफ लोगों को प्रशिक्षण देने का भी काम किया है। अभिषेक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC)से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा हैं और उन्होंने अपना ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया है।

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1: 16 सितंबर, 2019

विश्वास न्यूज को टीम के एक सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0041) की स्टोरी पर क्लेम मिला। यह स्टोरी 14 सितंबर को की गई थी। इस स्टोरी का लिंक यहां दिया गया है-  https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-fake-tweet-of-congress-claiming-about-unemployment-in-auto-sector-being-viral-on-social-media/

इस स्टोरी पर विश्वास न्यूज को फेसबुक पेज ‘Fir Ek Bar Modi Sarkar’ के एडमिन की तरफ एक मेल मिली। इस पेज के एडमिन ने दावा किया कि उनके पोस्ट पर विश्वास न्यूज की तरफ से दी गई रेटिंग सही नहीं है। इस स्टोरी के लेखक ने यूथ कांग्रेस से जरूरी कोट नहीं लिया था। IFCN की गाइडलाइंस और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के मुताबिक विश्वास न्यूज ने इस स्टोरी में जरूरी सुधार किए। साथ ही, इस फेसबुक पोस्ट की रेटिंग को ‘फाल्स’ से ‘ट्रू’ किया गया।

2: मई 26, 2020
इस स्टोरी में विश्वास न्यूज को एक अपील की गई, जिसमें यूजर का कहना था कि उसने फेसबुक पेज पर की गई अपनी पोस्ट में सुधार कर लिए हैं. हमारी तय प्रक्रिया और निर्देशों का पालन करते हुए टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0041) ने 26 मई को स्टोरी रेटिंग में बदलाव किए.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-in-this-old-viral-video-an-imposter-is-being-thrashed-by-locals/

उर्वशी कपूर

मुख्य उप संपादक
उर्वशी कपूर जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उर्वशी गूगल सर्टिफाइड फैक्ट चेकर एंड न्यूज वेरिफिकेशन एक्सपर्ट हैं। उर्वशी ने इसके अलावा कई और सर्टिफिकेशन कोर्स किए हैं जिसमें प्वाइंटर यूनिवर्सिटी से फैक्ट चेकिंग, गूगल से गूगल एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग, हबस्पॉट से ईमेल मार्केटिंग, क्राउड टैंगल में कंटेंट डिस्कवरी, फेसबुक ब्लूप्रिंट से स्टोरी टेलिंग और कंज्यूमर इंगेजमेंट शामिल हैं। उर्वशी ने टैक्सस यूनिवर्सिटी, ऑस्टिन के ‘द नाइट सेंटर फॉर जर्नलिज्म’ से ‘Strategies for increasing reach & engagement of journalism’ का कोर्सभी किया हैI उर्वशी पावर ऑफ डिजिटल मीडिया और ईमानदार पत्रकारिता में विश्वास करती हैं। उनका मानना है कि वर्ल्ड को फेक न्यूज से पूरी तरह से मुक्त होना चाहिए।

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1: मई 31, 2020
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0059) ने इन स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-no-who-didnt-warn-against-consuming-cabbage-to-prevent-covid-19/
https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-no-mustard-oil-cannot-cure-coronavirus-however-it-has-certain-health-benefits/
https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-who-didnt-issue-proposal-for-extending-lockdowns-to-control-covid-19-fake-post-getting-viral-2/

उमाम नूर

उप संपादक
उमाम नूर जागरण न्यू मीडिया की टीम के साथ उप-संपादक के रूप में काम कर रही हैं। उमम विश्वास (उर्दू) के लिए फैक्ट चेकर और प्रूफ रीडर के रूप में काम करती है। उन्हें लगभग एक वर्ष का अनुभव है। इससे पहले वह News18 उर्दू (Network18 मीडिया और इन्वेस्टमेंट लिमिटेड) के साथ काम कर रही थी। वह जामिया मिलिया इस्लामिया से अंग्रेजी में ग्रेजुएट हैं और ‘अंग्रेजी में अनुवाद प्रवीणता’ में प्रमाण पत्र धारक भी हैं।

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1. जनवरी 16, 2020

6 जनवरी को फैक्ट चेक टीम की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) ने बुशफायर की तीव्रता को दर्शाने वाली ऑस्ट्रेलिया के मैप की वायरल 3डी तस्वीर पर फैक्ट चेक स्टोरी की थी। यह तस्वीर इस फर्जी दावे के साथ वायरल हो रही थी कि इसे नासा की सैटलाइट से लिया गया है। उमम नूर ने सारी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए ठीक तरह से पड़ताल की। इस क्रम में 3डी तस्वीर बनाने वाले शख्स का बयान भी लिया गया जिन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि नासा के बुशफायर डाटा का इस्तेमाल कर तस्वीर बनाई गई है। यहां नीचे विश्वास न्यूज की स्टोरी का यूआरएल दिया गया है।

https://www.vishvasnews.com/world/fact-check-australia-bush-fire-viral-image-does-not-shared-by-nasa-but-is-graphic-image-which-is-being-circulated-with-fake-claim/

विश्वास न्यूज थर्ड पार्टी फैक्ट चेक पार्टनर के रूप में फेसबुक के साथ काम करता है। अगर वायरल पोस्ट फेसबुक पर है तो विश्वास न्यूज अपनी फैक्ट चेक स्टोरी के आधार पर पोस्ट को- फर्जी, सच, भ्रामक, तीन तरह की रेटिंग देता है। फेसबुक पर पोस्ट को रेट करने के लिए अलग से गाइडलाइन है। अक्सर ऐसी तस्वीरें आती हैं जो सही होती हैं लेकिन उनके साथ किया जा रहा दावा या तो फर्जी होता है या भ्रामक। कई बार तस्वीर और दावा, दोनों ही गलत होते हैं। ऐसे मामलों में विश्वास न्यूज या तो ‘On single post’ या ‘identical content’ के हिसाब से रेट करता है। ऊपर की गई स्टोरी में फेसबुक पोस्ट में लगाई गई तस्वीर बिल्कुल सही थी लेकिन इसके साथ किया गया दावा गलत था। इस बात का जिक्र फैक्ट चेक स्टोरी में भी उचित तरीके से किया गया। हालांकि स्टोरी रेटिंग की प्रक्रिया के दौरान उमम नूर ने इसे ‘identical content’ के रूप में मार्क कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ फेसबुक यूजर्स को तस्वीर के साथ सही दावा पोस्ट करने के बावजूद फेक तस्वीर, जिसे इंडिपेंडेंट फैक्ट चेकर ने फैक्ट चेक किया है, का मैसेज मिला। फैक्ट चेक की गई स्टोरी में शामिल किए गए यूजर द्वारा अपने फेसबुक पोस्ट डिलीट कर देने की वजह से तकनीकी समस्या खड़ी हुई और विश्वास न्यूज अपनी रेटिंग को सही नहीं कर पाया। इस तकनीकी समस्या को ठीक होने में एक हफ्ते का समय लगा और इसे 15 जनवरी को ठीक किया गया।

विश्वास न्यूज को इस ‘identical content’ इशू की वजह से अलग-अलग फेसबुक यूजर्स की तरफ से अपील के 13 मेल मिले। इन सभी यूजर्स ने सही व्याख्या के साथ तस्वीर का इस्तेमाल किया था लेकिन तकनीकी समस्या की वजह से उन्हें ‘फेक तस्वीर’ का मैसेज मिला। विश्वास न्यूज ने सभी यूजर्स से मेल पर अलग-अलग संपर्क किया और उन्हें 9 जनवरी को हुई इस समस्या की जानकारी दी गई। एक बार जब मामला सुलझ गया तो विश्वास न्यूज ने फिर इन सारे यूजर्स को इसकी पुष्टि करते हुए मेल किया।

फेसबुक पोस्ट को गलत ऑप्शन पर रेट करने वाली विश्वास न्यूज की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) से इस मामले में आधिकारिक मेल में जवाब मांगा गया। उन्हें ये बताने को कहा गया कि आखिर ये कैसे हुआ। उनका जवाब मिलने के बाद गाइडलाइंस और पॉलिसी के मुताबिक उनके खिलाफ जरूरी कदम उठाया गया।

2: मई 31, 2020
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0058) ने इन स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी. ये स्टोरी उर्दू में थी. मूल स्टोरी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0059) द्वारा की गई थी.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-no-report-claims-that-cabbage-can-absorb-coronavirus-for-30-hour/
स्टोरी उर्दू में की गई थी. मूल स्टोरी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) द्वारा की गई थी.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-nepals-old-photo-goes-viral-claimed-as-india-photo-but-this-viral-picture-has-no-relation-with-india-or-lockdown/
स्टोरी उर्दू में की गई थी. मूल स्टोरी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0041) द्वारा की गई थी.
https://www.vishvasnews.com/urdu/politics/fact-check-gargle-with-saline-water-or-vinegar-can-not-cure-coronavirus-viral-claim-is-fake/

भगवंत सिंह

उप संपादक
भगवंत सिंह, जागरण न्यू मीडिया में उप-संपादक के रूप में काम कर रहे हैं। वह एक फैक्ट चेकर और प्रूफ रीडर के तौर पर काम करते हैं। भगवंत के पास लगभग एक वर्ष का अनुभव है। इससे पहले वह विप्रो में पंजाबी भाषा के लिए कंटेंट राइटर का काम कर चुके हैं। भगवंत दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज से पंजाबी में ग्रेजुएट हैं।

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