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हमारी टीम

हमारी टीम में बेहद प्रतिबद्ध पत्रकार शामिल हैं, जो फेक न्यूज का खुलासा करने के लिए समर्पित हैं। टीम के सभी पत्रकार वेरिफिकेशन टूल का इस्तेमाल काफी बेहतर तरीके से करना जानते हैं। हमारी टीम लगातार इसे सुनिश्चित करने में जुटी हुई है कि कोई भी फेक न्यूज मासूम पाठकों को प्रभावित न करे। हमारा लक्ष्य एक साफ और सुरक्षित सामाजिक व राजनीतिक माहौल बनाने का है। ऐसा इसलिए, ताकि निष्पक्ष फैसले लेने में लोगों की मदद की जा सके।

विश्वास न्यूज टीम के सदस्यों ने एक साल से अधिक समय से किसी बड़े राजनीतिक मसले या अन्य चीजों पर टिप्पणी नहीं की है। सार्वजनिक बहसों में पारदर्शिता और शुचिता लाने के उद्देश्य से हमारी टीम का कोई सदस्य किसी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या उनके काम की वकालत नहीं करता।

हम अपने न्यूजरूम में विविधताओं का पूरा सम्मान करते हैं। हमारी टीम लिंग, उम्र, कौशल और यहां तक कि धार्मिक मान्यताओं के मामले में विविधता से भरी हुई है।

राजेश उपाध्याय

पद: एडिटर-इन-चीफ व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट

परिचय: वरिष्ठ पत्रकार राजेश उपाध्याय को मुख्यधारा की पत्रकारिता में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। डिजिटल और प्रिंट मीडिया समेत दोनों माध्यमों की अवधारणा और कार्यप्रणाली के बारे में वे गहरी समझ रखते हैं। दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान टाइम्स समूह के साथ काम करते हुए उन्होंने डिजिटल और प्रिंट टीमों के साथ अन्य कई प्रमुख वर्टिकल्स को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में वे जागरण न्यू मीडिया के एडिटर इन चीफ और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं। अगली पीढ़ी की पत्रकारिता फैक्ट चेक जर्नलिज्म और आईएफसीएन प्रमाणित जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग यूनिट विश्वास न्यूज की प्रेरक शक्ति के तौर पर मौजूद राजेश उपाध्याय आईआईएम इंदौर के एडिटोरियल डेवलपमेंट प्रोग्राम के अल्युमिनाई होने के साथ-साथ जीएनआई (Google News Initiative) इंडिया ट्रेनिंग नेटवर्क के ट्रेनर भी हैं।

सर्टिफिकेशन:

  • गूगल न्यूज इनिशिएटिव, इंडिया के ‘फैक्ट चेकिंग और न्यूज वेरिफिकेशन’ प्रोग्राम के सर्टिफाइड ट्रेनर हैं।
  • इंग्लिश फॉर मीडिया लिटरेसी (यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया)
  • उन्हें ‘नाइट सेंटर फॉर जर्नलिज्म’ (Knight Center for Journalism) से इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग इन प्लेटफॉर्म में सर्टिफिकेट प्राप्त है।
  • मास्टर पब्लिक पॉलिसी एनालिसिस : एडवांस्ड मास्टर पब्लिक पॉलिसी एनालिसिस : एडवांस्ड (यूडीईएमवाई) सर्टिफिकेट प्राप्त है।
  • उन्हें यूडीईएमवाई से एजल स्क्रम प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (Aglie Scrum Project Management) में प्रमाणपत्र प्राप्त है।
  • उन्होंने आईएफसीएन, जीएनआई, फेसबुक, क्राउडटैंगल और आईसीएफजे द्वारा आयोजित कई वर्कशॉप में भाग लिया है। इसके अलावा उन्होंने प्वाइंटर यूनिवर्सिटी के ई-लर्निंग कोर्स- हैंड्स ऑन फैक्ट चेकिंग: ए शॉर्ट कोर्स में भी भाग लिया है।

जतिन गांधी

पद: कार्यकारी संपादक

बायो: विभिन्न मीडिया समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टीवी और डिजिटल में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे टाइम्स समूह, इंडिया टुडे, द हिंदू, हिन्दुस्तान टाइम्स, द इंडियन एक्सप्रेस, स्टार न्यूज और एनडीटीवी समेत अन्य अग्रणी समाचार संगठनों के साथ काम कर चुके हैं। वह 2016-17 के लिए शेवेनिंग फेलो और 2018-19 के लिए आईसीएफजे वॉशिंगटन डीसी के साथ नाइट इंटरनेशनल जर्नलिज्म फेलो रह चुके हैं।।

योग्यता: एमए (मास कम्युनिकेशन), एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रैजुएट, बीए इकोनॉमिक्स (ऑनर्स), एलएलबी और एनएएलएसएआर से साइबर लॉ में पीजीडी, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर, लंदन से एसएजेपी।

सर्टिफिकेशन:

  • अखिल भारतीय प्रशिक्षकों के चार नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो Google न्यूज इनिशएटिव द्वारा संचालित या समर्थित है : GNI इंडिया ट्रेनर्स नेटवर्क ऑन फैक्ट चेकिंग एंड न्यूज वेरिफिकेशन फॉर जर्नलिस्ट्स एंड जर्नलिज्म स्टूडेंट्स, फैक्टशाला और बीबीसी यंग रिपोर्टर इंडिया ऑन मीडिया लिटरेसी फॉर एडल्ट्स एंड स्कूल्स चिल्‍ड्रेन, DART सेंटर ट्रॉमा ट्रेनर फॉर अवेयरनेस जर्नलिस्ट, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन ट्रेनर फॉर रिपोर्टिंग।
  • उर्वशी कपूर

    पद: एसोसिएट एडिटर

    बायो: उर्वशी कपूर जागरण न्यू मीडिया में एसोसिएट एडिटर हैं और विश्वास न्यूज के साथ फैक्ट चेकर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का अनुभव है, वे एक अनुभवी डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। उर्वशी ईमानदार पत्रकारिता में विश्वास करती है और वो चाहती हैं कि पूरा विश्व फेक न्यूज से मुक्त होना चाहिए।

    योग्यता: उर्वशी ने पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और M. Com भी किया है। उर्वशी ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के द नाइट सेंटर से ‘स्ट्रैटजीज फॉर इनक्रीजिंग रीच एंड इंगेजमेंट ऑफ जर्नलिज्म’ में प्रोफेशनल कोर्स किया है|

    सर्टिफिकेशन: उर्वशी गूगल न्यूज इनिशिएटिव इंडिया ट्रेनिंग नेटवर्क ट्रेनर हैं। उर्वशी के पास प्वाइंटर यूनिवर्सिटी से फैक्ट चेकिंग, गूगल से गूगल एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग, ईस्ट-वेस्ट सेंटर से डेटा जर्नलिज्म, सीआरडीएफ- ग्लोबल द्वारा काउंटरिंग स्टेट आधारित कोविड-19 डिसइन्फॉर्मेशन, रॉयटर्स से डिजिटल पत्रकारिता और जीडीपीआर में कई सर्टिफिकेशन्स हैं। उर्वशी ने इसके अलावा क्राउडटैंगल एंड स्टोरी टेलिंग से कंटेंट डिस्कवरी, फेसबुक ब्लूप्रिंट से कंज्यूमर इंगेजमेंट सर्टिफिकेट कोर्स किया है।

    संशोधन

    1: मई 31, 2020
    हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0059) ने इन स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
    https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-no-who-didnt-warn-against-consuming-cabbage-to-prevent-covid-19/
    https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-no-mustard-oil-cannot-cure-coronavirus-however-it-has-certain-health-benefits/
    https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-who-didnt-issue-proposal-for-extending-lockdowns-to-control-covid-19-fake-post-getting-viral-2/

    आशीष महर्षि

    पद: फैक्‍ट चेकर और एसोसिएट एडिटर

    बायो: आशीष महर्षि को प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने टीवी18 और दैनिक भास्कर समूह में कार्य किया है। दैनिक भास्कर ग्रुप की वेबसाइट भास्कर.कॉम और इंडिया टुडे समूह के वेबसाइट लल्लन.टॉप में भी इन्होंने काम किया है। आशीष प्रशिक्षित फैक्ट चेकर हैं।

    योग्यता: आशीष माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उन्होंने अपना ग्रेजुएशन राजस्‍थान यूनिवर्सिटी से किया है।

    सर्टिफिकेशन:

    • गूगल सर्टिफाइड ट्रेनर द्वारा आयोजित पंच दिवसीय वर्कशॉप और प्वाइंटर यूनिर्सिटी के ई-लर्निंग शॉर्ट-टर्म कोर्स हैंड्स ऑन फैक्ट चेकिंग
    • रॉयटर्स ट्रेनिंग इंट्रोडक्शन टू डिजिटल जर्नलिज्म
    • क्राउड टैंगल फॉर इंस्टाग्राम: हाऊ टू यूज सीटी टू मेक योर आईजी पॉप और फर्स्ट ड्राफ्ट ट्रेनिंग- वैक्सीन इनसाइट फ्लेक्सिबल लर्निंग कोर्स
    • आईएफसीएन, जीएनआई, फेसबुक, क्राउड टैंगल और आईसीएफजे की ओर से आयोजित कई वर्कशॉप में भी भाग लिया।

    संशोधन

    1: 29 जुलाई, 2018:

    विश्वास न्यूज ने यह नोटिस किया कि 29 जुलाई रात 8:30 पर विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक मिली है। ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि विश्वास टीम के एक सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0043) ने गलती से हमारी अपनी ही खबर को फेसबुक डैशबोर्ड में रेट कर दिया था। उन्होंने विश्वास न्यूज के फैक्ट चेक रिफ्रेंस आर्टिकल को ही इस रेटिंग से संबंधित कैटिगरी में सबमिट कर दिया। यही वजह रही कि विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक मिला। बाद में उन्होंने इस रेटिंग में जरूरी संशोधन किए।

    यहां उस स्टोरी का लिंक दिया गया जिसे गलती से ‘फाल्स’ रेटिंग दे दी गई थी- https://www.vishvasnews.com/health/fact-check-post-claiming-caripill-cures-dengue-in-48-hours-is-misleading-2/

    2: मई 7, 2020
    विश्वास न्यूज के एक अन्य सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0058) ने वायरल हो रहे एक वीडियो पर स्टोरी की. जिसमें दावा किया गया था कि ये ऋषि कपूर का आखिरी वीडियो है. वीडियो में अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवा के गाने को कपूर सुन रहे थे और उसकी तारीफ कर रहे थे. जब सबसे पहले ये स्टोरी की गई तो टीम के पहले सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) ने फेसबुक डैशबोर्ड पर इसे ‘वीडियो ओनली’ (सिर्फ वीडियो) के साथ रेट किया. बाद में इस रेटिंग को ‘वीडियो विद टैक्स्ट टुगेदर’ (वीडियो और साथ में लिखा टैक्स्ट) के ऑप्शन के साथ बदला गया.
    https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-no-this-not-the-last-video-of-rishi-kapoor-viral-claim-is-fake/

    3: मई 31, 2020
    हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई एक स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
    https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-nepals-old-photo-goes-viral-in-the-name-of-india-this-photo-has-no-relation-with-lockdown/

    4: जून 4, 2020
    विश्वास न्यूज के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) द्वारा की गई स्टोरी में कांग्रेस विधायक को पार्टी से सस्पेंड किया जाना लिखा गया था, जो कि सही नहीं था. गलती सामने आने पर उस स्टोरी में सही जानकारी शामिल की गई और इस संबंध में डिस्क्लेमर भी शामिल किया गया.
    https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-aditi-singh-a-suspeneded-mla-from-congress-did-not-join-bjp-with-5-mlas-viral-post-is-fake/

    5: 18 दिसंबर, 2020

    हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई इस स्टोरी को 18 दिसंबर को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्‍यकता नहीं थी.

    https://www.vishvasnews.com/politics/fake-order-of-tourism-ministry-viral/

    https://www.vishvasnews.com/society/fact-check-no-corona-virus-in-fish-in-madhya-pradesh/

    अभिषेक पराशर

    पद: डिप्टी एडिटर और फैक्ट चेकर

    बायो: जागरण न्यू मीडिया में डिप्टी एडिटर के तौर पर काम कर रहे अभिषेक पराशर (आईएफसीएन सर्टिफाइड) फैक्ट चेकिंग विंग विश्वास न्यूज के साथ बतौर फैक्ट चेकर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में कुल 12 वर्षों का अनुभव रखने वाले अभिषेक के पास 9 वर्षों से अधिक का डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव है। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI-Bhasha) से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक ने बिजनस स्टैंडर्ड (हिंदी), इकॉनमिक टाइम्स (हिंदी), कैच न्यूज (राजस्थान न्यूज) और न्यूज नेशन डिजिटल में काम किया है। वे जीएनआई (Google News Initiative) इंडिया ट्रेनिंग नेटवर्क के ट्रेनर हैं और विश्वास न्यूज के मीडिया साक्षरता अभियान ‘सच के साथी’ में प्रशिक्षक की भूमिका निभाते रहे हैं। डेटा एनालिसिस में उनकी विशेषज्ञता हैं और उन्होंने अपने करियर का आधा समय बिजनस पत्रकारिता करते हुए बिताया है।

    योग्यता: अभिषेक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और जनसंचार में ग्रैजुएशन किया है।

    सर्टिफिकेशन:

    • अभिषेक पराशर सर्टिफाइड गूगल न्यूज इनिशिएटिव फैक्ट चेकर और न्यूज वेरिफिकेशन ट्रेनर हैं।
    • भारती पब्लिक पॉलिसी, इंडिया स्कूल ऑफ बिजनेस की तरफ से आयोजित इंडिया डेटा पोर्टल वर्कशॉप में भागीदारी।
    • इन्होंने रॉयटर्स ट्रेनिंग इंट्रोडक्शन टू डिजिटल जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन हासिल किया है।
    • इन्होंने गूगल गूगल न्यूज़ इनिशिएटिव (GNI) ट्रेनिंग सेंटर से डेटा वेरिफिकेशन, डेटा जर्नलिज्म, इलेक्शन और इंट्रोडक्शन टू मशीन लर्निंग जैसे कोर्सेज को कंप्लीट किया है।
    • क्राउड टैंगल फॉर इंस्टाग्राम: हाऊ टू यूज सीटी टू मेक योर आईजी पॉप और फर्स्ट ड्राफ्ट ट्रेनिंग- वैक्सीन इनसाइट फ्लेक्सिबल लर्निंग कोर्स।
    • आईएफसीएन, जीएनआई, फेसबुक, क्राउड टैंगल और आईसीएफजे की ओर से आयोजित कई वर्कशॉप में भी भाग लिया।
    • डेटा सर्च और एनालिसिस के साथ सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और फैक्ट चेकिंग के लिए जरूरी टूल्स और टेक्नोलॉजी के अपडेट और उसके इस्तेमाल में इनकी विशेष दिलचस्पी है।जागरण न्यू मीडिया से पहले वह न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई-भाषा), बिजनेस डेली बिजनेस स्टैंडर्ड (हिंदी), इकॉनमिक टाइम्स, कैच न्यूज (संस्थापक टीम के सदस्य) और न्यूज नेशन डिजिटल (संस्थापक टीम के सदस्य) में काम कर चुके हैं। अभिषेक प्रशिक्षित फैक्ट चेकर हैं, जिन्होंने फेक न्यूज के खिलाफ लोगों को प्रशिक्षण देने का काम किया है। विश्वास न्यूज की तरफ से आयोजित मीडिया साक्षरता अभियान (सच के साथी) में बतौर प्रशिक्षक कई शहरों में आयोजित कार्यशालाओं और कोविड-19 के दौरान आयोजित वेबिनार में लोगों को प्रशिक्षित करने का काम करते रहे हैं।

    संशोधन

    1: 16 सितंबर, 2019

    विश्वास न्यूज को टीम के एक सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0041) की स्टोरी पर क्लेम मिला। यह स्टोरी 14 सितंबर को की गई थी। इस स्टोरी का लिंक यहां दिया गया है- https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-fake-tweet-of-congress-claiming-about-unemployment-in-auto-sector-being-viral-on-social-media/

    इस स्टोरी पर विश्वास न्यूज को फेसबुक पेज ‘Fir Ek Bar Modi Sarkar’ के एडमिन की तरफ एक मेल मिली। इस पेज के एडमिन ने दावा किया कि उनके पोस्ट पर विश्वास न्यूज की तरफ से दी गई रेटिंग सही नहीं है। इस स्टोरी के लेखक ने यूथ कांग्रेस से जरूरी कोट नहीं लिया था। IFCN की गाइडलाइंस और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के मुताबिक विश्वास न्यूज ने इस स्टोरी में जरूरी सुधार किए। साथ ही, इस फेसबुक पोस्ट की रेटिंग को ‘फाल्स’ से ‘ट्रू’ किया गया।

    2: 18 दिसंबर, 2020

    हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई इस स्टोरी को 18 दिसंबर को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्‍यकता नहीं थी.

    https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-post-claiming-about-change-in-name-of-mughal-garden-is-fake-2/

    https://www.vishvasnews.com/english/politics/fact-check-govt-did-not-impose-tax-on-school-books-viral-claim-is-fake/

    https://www.vishvasnews.com/english/politics/https-www-vishvasnews-com-english-politics-fact-check-post-claiming-about-renaming-mughal-garden-is-fake/

    पल्लवी मिश्रा

    पद: डिप्टी एडिटर

    बायो: पल्लवी मिश्रा जागरण न्यू मीडिया में डिप्टी एडिटर हैं और फैक्ट-चेकर के रूप में विश्वास न्यूज के लिए काम करती हैं। उसकी विशेषज्ञता ख़बरों की पुष्टि, जांच और उसमें मूल्यवर्धन करना है। उन्हें डिजिटल मीडिया में लगभग 12 वर्षों का अनुभव है। जागरण न्यूज मीडिया में शामिल होने से पहले, पल्लवी ने एनडीटीवी, इंडिया टुडे और आईएएनएस जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।

    योग्यता: पल्लवी मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं। उनके पास पत्रकारिता और जनसंचार में डिप्लोमा भी है।

    सर्टिफिकेशन:

    • समाज को कमजोर करने वाले डिसइन्फॉर्मेशन से लड़ने के लिए ट्रेनिंग पूरी करने पर सीआरडीएफ-ग्लोबल द्वारा उपलब्धि और प्रशंसा का प्रमाण पत्र।
    • राज्य-आधारित कोविड -19 दुष्प्रचार का मुकाबला करने में सीआरडीएफ-ग्लोबल द्वारा उपलब्धि और प्रशंसा का प्रमाण पत्र।
    • हैंड्स-ऑन फैक्ट-चेकिंग: एक शॉर्ट कोर्स – पॉयन्टर यूनिवर्सिटी का ई-लर्निंग कोर्स।
    • रॉयटर्स डिजिटल पत्रकारिता प्रमाणपत्र।
    • गूगल सर्टिफाइड ट्रेनर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय वर्कशॉप।

    संशोधन

    1: 03 जुलाई, 2019

    विश्वास न्यूज टीम के सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0065) ने एक फैक्ट चेक स्टोरी की। यह स्टोरी फेसबुक पर वायरल एक पोस्ट पर थी जिसमें आइसक्रीम वेंडर की तस्वीर का इस्तेमाल इस दावे के साथ किया गया था, ‘गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले #राकेश (#दलित) को #जयश्रीराम ना कहने पर #मुसलमान समझकर #भगवागुंडों ने मारा पीटा।’

    विश्वास टीम के सदस्य ने इस फेसबुक पोस्ट में किए गए फर्जी दावे का खुलासा किया और असल तथ्यों पर आधारित स्टोरी पब्लिश की। बाद में, विश्वास टीम की दूसरी सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0046) ने इसी यूजर की पोस्ट को फेसबुक पर रेट कर किया।

    यहां नीचे उस स्टोरी का लिंक दिया गया है जिसे टीम ने फेसबुक यूजर के फर्जी दावे की पड़ताल और उसका खुलासा करते हुए पब्लिश किया था- https://www.vishvasnews.com/society/fact-check-ice-cream-vendors-image-viral-with-fake-claim/

    बाद में टीम की दूसरी सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0046) ने पाया कि फेसबुक पर दूसरे यूजर्स भी इसी तस्वीर को वैसे ही दावे के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच गलती से उन्होंने एक ऐसी पोस्ट को रेट कर दिया जिसमें इसी तस्वीर का इस्तेमाल था लेकिन जिसका विवरण सही था और इसमें लिखा था, ”गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले को मारा पीटा पैसे छीनने का आरोप”। फेसबुक पेज के मालिक ने इस मामले को हमारे साथ साझा किया। हमने गाइडलाइंस और हमारी संशोधन नीति के मुताबिक पोस्ट की रेटिंग में जरूरी बदलाव किए।

    2: मई 31, 2020
    हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0046) ने इस स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.

    https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-no-labour-ministry-is-not-giving-rs-1-2-lakh-to-labourers-who-worked-between-1990-2020/

    शरद प्रकाश अस्थाना

    पद: मुख्य उप—संपादक

    बायो: उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान, दैनिक जनवाणी, अमर उजाला और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल सेक्शन) के साथ काम किया है।

    योग्यता: जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री।

    सर्टिफिकेशन: गूगल के प्रमाणित ट्रेनर की कार्यशाला में हिस्सा लिया है।

    देविका मेहता

    पद: डिप्टी एडिटर

    बायो: देविका एक फैक्ट चेकर और मीडिया लिट्रेसी ट्रेनर हैं। जी न्यूज, दैनिक भास्कर, न्यूज नेशन, माइक्रोसॉफ्ट न्यूज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में 14 साल के व्यापक अनुभव के साथ वह भारत में विश्वसनीय पत्रकारिता के भविष्य का निर्माण करने के लिए अपने कौशल का उपयोग करने का इरादा रखती हैं।

    योग्यता: देविका माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ जर्नलिज्म भोपाल से पोस्ट ग्रेजुएट (मास्टर्स ऑफ़ आर्ट्स इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म) हैं। अभी वह एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इंडियन जर्नलिज्म में पीएचडी कर रही हैं।

    सर्टिफिकेशन:

    • एएफपी द्वारा उन्नत वेब खोज।
    • यूडिमी द्वारा फैक्ट चेकिंग मेड इजी एंड एआई, एल्गोरिथम, जर्नलिज्म।
    • डिजिटल मार्केटिंग की बुनियादी बातें और गूगल द्वारा मशीन लर्निंग का परिचय।
    • उमम नूर

      पद: चीफ सब एडिटर

      बायो: उमम को फैक्ट-चेकिंग में विशेषज्ञता प्राप्त है, विशेष रूप से उर्दू उन्मुख उपयोगकर्ताओं में। उन्हें पत्रकारिता में चार साल से ज़्यादा का अनुभव है। उमम ने अपनी शुरुआत नेटवर्क18 के साथ किया और उनकी विशेषज्ञता संपादन में है। उमम ‘सच के साथी’ के लिए प्रशिक्षित फैक्ट चेक ट्रेनर हैं, जो फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं के खिलाफ मीडिया साक्षरता अभियान है।”

      योग्यता: जामिया मिलिया इस्लामिया से अंग्रेजी में ग्रेजुएट हैं और ट्रांसलेशन प्रॉफिशिसी इन इंग्लिश कि सर्टिफिकेट होल्डर भी हैं.

      सर्टिफिकेशन: उमम नूर सर्टिफाइड गूगल न्यूज इनिशिएटिव फैक्ट चेकर और न्यूज वेरिफिकेशन ट्रेनर हैं।

    • रॉयटर्स ट्रेनिंग इंट्रोडक्शन टू डिजिटल जर्नलिज्म की सर्टिफिकेट होल्डर हैं ।
    • पॉइंटर यूनिवर्सिटी: हाउ तो स्टॉप मिसइनफार्मेशन ऑनलाइन।
    • गूगल: एडवांस्ड गूगल एनालिटिक्स
    • उमम ने गूगल -प्रमाणित ट्रेनर द्वारा आयोजित फैक्ट-चेक और न्यूज वेरिफिकेशन ट्रेनिंग में भाग लिया है।
    • उमम एक प्रशिक्षित फैक्ट-चेक और न्यूज़ वेरिफिकेशन ट्रेनर हैं।
    • संशोधन

      1. जनवरी 16, 2020

      6 जनवरी को फैक्ट चेक टीम की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) ने बुशफायर की तीव्रता को दर्शाने वाली ऑस्ट्रेलिया के मैप की वायरल 3डी तस्वीर पर फैक्ट चेक स्टोरी की थी। यह तस्वीर इस फर्जी दावे के साथ वायरल हो रही थी कि इसे नासा की सैटलाइट से लिया गया है। उमम नूर ने सारी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए ठीक तरह से पड़ताल की। इस क्रम में 3डी तस्वीर बनाने वाले शख्स का बयान भी लिया गया जिन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि नासा के बुशफायर डाटा का इस्तेमाल कर तस्वीर बनाई गई है। यहां नीचे विश्वास न्यूज की स्टोरी का यूआरएल दिया गया है।

      https://www.vishvasnews.com/world/fact-check-australia-bush-fire-viral-image-does-not-shared-by-nasa-but-is-graphic-image-which-is-being-circulated-with-fake-claim/

      विश्वास न्यूज थर्ड पार्टी फैक्ट चेक पार्टनर के रूप में फेसबुक के साथ काम करता है। अगर वायरल पोस्ट फेसबुक पर है तो विश्वास न्यूज अपनी फैक्ट चेक स्टोरी के आधार पर पोस्ट को- फर्जी, सच, भ्रामक, तीन तरह की रेटिंग देता है। फेसबुक पर पोस्ट को रेट करने के लिए अलग से गाइडलाइन है। अक्सर ऐसी तस्वीरें आती हैं जो सही होती हैं लेकिन उनके साथ किया जा रहा दावा या तो फर्जी होता है या भ्रामक। कई बार तस्वीर और दावा, दोनों ही गलत होते हैं। ऐसे मामलों में विश्वास न्यूज या तो ‘On single post’ या ‘identical content’ के हिसाब से रेट करता है। ऊपर की गई स्टोरी में फेसबुक पोस्ट में लगाई गई तस्वीर बिल्कुल सही थी लेकिन इसके साथ किया गया दावा गलत था। इस बात का जिक्र फैक्ट चेक स्टोरी में भी उचित तरीके से किया गया। हालांकि स्टोरी रेटिंग की प्रक्रिया के दौरान उमम नूर ने इसे ‘identical content’ के रूप में मार्क कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ फेसबुक यूजर्स को तस्वीर के साथ सही दावा पोस्ट करने के बावजूद फेक तस्वीर, जिसे इंडिपेंडेंट फैक्ट चेकर ने फैक्ट चेक किया है, का मैसेज मिला। फैक्ट चेक की गई स्टोरी में शामिल किए गए यूजर द्वारा अपने फेसबुक पोस्ट डिलीट कर देने की वजह से तकनीकी समस्या खड़ी हुई और विश्वास न्यूज अपनी रेटिंग को सही नहीं कर पाया। इस तकनीकी समस्या को ठीक होने में एक हफ्ते का समय लगा और इसे 15 जनवरी को ठीक किया गया।

      विश्वास न्यूज को इस ‘identical content’ इशू की वजह से अलग-अलग फेसबुक यूजर्स की तरफ से अपील के 13 मेल मिले। इन सभी यूजर्स ने सही व्याख्या के साथ तस्वीर का इस्तेमाल किया था लेकिन तकनीकी समस्या की वजह से उन्हें ‘फेक तस्वीर’ का मैसेज मिला। विश्वास न्यूज ने सभी यूजर्स से मेल पर अलग-अलग संपर्क किया और उन्हें 9 जनवरी को हुई इस समस्या की जानकारी दी गई। एक बार जब मामला सुलझ गया तो विश्वास न्यूज ने फिर इन सारे यूजर्स को इसकी पुष्टि करते हुए मेल किया।

      फेसबुक पोस्ट को गलत ऑप्शन पर रेट करने वाली विश्वास न्यूज की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) से इस मामले में आधिकारिक मेल में जवाब मांगा गया। उन्हें ये बताने को कहा गया कि आखिर ये कैसे हुआ। उनका जवाब मिलने के बाद गाइडलाइंस और पॉलिसी के मुताबिक उनके खिलाफ जरूरी कदम उठाया गया।

      2. 4 जून 2020 को फैक्ट चेक टीम की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) ने वायरल हो रहे एक वीडियो पर स्टोरी की जिसमें वीडियो को हाल का बताते हुए ये दावा किया गया की यह अमतृसर में खालिस्तान की मांग को लेकर आज कल प्रोटेस्ट हो रहे हैं। पड़ताल में पाया की वीडियो 2016 का है। अपने SOP का पालन करते हुए हमनें खबर को पब्लिश कर दिया, लेकिन उसी दिन हमनें पाया की वीडियो में नज़र आरहा दूसरा हिस्सा 2016 का नहीं बल्कि 2012 में हुए प्रोटेस्ट का है. हालाँकि वीडियो दोनों ही लिहाज़ में पुराना और फ़र्ज़ी है। खबर को नयी मालूमात के साथ उसी दिन अपडेट कर दिया गया।

      स्टोरी लिंक्स: https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-old-video-of-sikh-rally-viral-as-khalistan-support-protest-in-amritsar/

      प्रज्ञा शुक्ला

      पद: सीनियर सब एडिटर

      बायो: प्रज्ञा शुक्ला विश्वास न्यूज की सीनियर सब एडिटर और फैक्ट-चेकर हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीतिक और सामाजिक गलत सूचनाओं के तथ्य की जाँच करना है। उन्हें डिजिटल मीडिया में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। विश्वास न्यूज में शामिल होने से पहले, प्रज्ञा न्यूज चेकर, पत्रिका, हिंदुस्तान समाचार और देशबंधु के साथ काम कर चुकी हैं।

      योग्यता: जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री।

      ज्योति कुमारी

      पद: सीनियर सब एडिटर

      बायो: ज्योति कुमारी विश्वास न्यूज की सीनियर सब एडिटर और फैक्ट-चेकर हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीतिक और सामाजिक गलत सूचनाओं के तथ्य की जाँच करना है। उन्हें डिजिटल मीडिया में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। विश्वास न्यूज में शामिल होने से पहले, ज्योति न्यूज़ फ़्लैश ऑनलाइन , जोश टॉक्स और लाइकी एप्प के साथ काम कर चुकी हैं।

      योग्यता: जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री।

      सर्टिफिकेशन: ज्योति कुमारी ‘सच के साथी’ में एक ट्रेनर के रूप में काम किया है। ‘सच के साथी’ फर्जी खबरों / गलत सूचनाओं के खिलाफ मीडिया साक्षरता अभियान है।

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