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संशोधन नीति

हम अपने पाठकों द्वारा कमेंट्स, मेल और फोन के जरिए दिए गए सुझावों और प्रतिक्रिया का खुले दिल से स्वागत करते हैं। कंटेंट को लेकर अपने पाठकों से अगर किसी तरह की कोई शिकायत मिलती है तो हम तुंरत ही उस खबर को रोक देते हैं और सबसे पहले फैक्ट्स को चेक करते हैं। फैक्ट्स की हर प्रकार से जांच के बाद ही हम खबर को प्रकाशित करते हैं। फैक्ट्स की प्रामाणिकता और प्रभाव को देखते हुए मिस्टेक/एरर को हम हटा या सुधार देते हैं और अपने पाठकों को इस संबंध में पूरी जानकारी देते हैं। अगर, खबर में किसी तरह की कोई गलती नहीं है तो उसके बारे में भी अपने पाठकों को बताते हैं। इस दौरान हम अपने पाठकों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराते हैं कि हम इस नतीजे पर कैसे पहुंचे हैं, ताकि किसी तरह संदेह की गुंजाइश न रहे।

संशोधन/सुधार पॉलिसी के अनुसार, हमने मिस इन्फॉर्मेशन के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूती देने के लिए एक बेहतरीन टीम खड़ा दिया है। हम नियमित तौर पर वेबसाइट्स पर नजर रखते हैं, ताकि किसी तरह की कोई भी मिस इन्फॉर्मेशन या फेक खबर हो तो उसे तुरंत चेक कर अपने सुधि पाठकों को सही स्थिति के बारे में अवगत करा सकें। हम सोशल मीडिया या अन्य वेबसाइट्स पर चल रहे मिस इन्फॉर्मेशन या फेक न्यूज का फैक्ट चेक करते समय इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क की गाइडलाइंस को पूरी तरह से फॉलो करते हैं। इसके लिए विश्वास न्यूज ने स्डैंडर्ड ऑपरेटिंग पॉलिसी (SOP) बनाई हुई है, जिसका सख्ती से पालन करना टीम के प्रत्येक सदस्य के लिए जरूरी है। हम उन सभी स्टोरी को रिकॉर्ड में भी रखते हैं जिसमें किसी तरह का संशोधन/सुधार किया गया हो या जिसमें सुधार की जरूरत है।

संशोधन/सुधार को फैक्ट चेकर्स टीम के सदस्य के बायोग्राफी के नीचे मेंशन किया जाता है।

विश्वास न्यूज की टीम समय-समय पर अलग-अलग न्यूज सेक्शन के सदस्यों को फैक्ट चेकिंग की ट्रेनिंग भी देती है।

1: 10 जुलाई, 2018

फेसबुक ने फैक्ट चेक टीम के माध्यम से हमारी एक खबर में जा रही गलत सूचना की ओर ध्यान आकर्षित कराया था। हमने जांच की और पाया कि हमारे यहां प्रकाशित खबर गलत थी। हमने वेरिफाइड सोर्स से खबर को चेक किया और उसे सुधारा और सही सूचना पाठकों को दी। प्रकाशित खबर में हमने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पाठकों से खेद व्यक्त किया।

https://www.jagran.com/football/headlines-video-is-fake-in-which-brazil-team-welcome-with-stones-and-eggs-18179729.html

2: 7 सितंबर, 2018

नीचे खबर का सैंपल दिया है जिसको एक यूजर ने हमारे साथ फेक न्यूज की रिपोर्ट करते हुए शेयर किया था। हमने फैक्ट चेक किया और सही खबर को अपडेट करके प्रकाशित किया।

https://www.jagran.com/bihar/patna-city-exposure-of-crying-video-of-mp-pappu-yadav-during-bharat-bandh-

3: 03 जुलाई, 2019

विश्वास न्यूज टीम के सदस्य (इम्प्लॉई आईडी- PN0065)ने एक फैक्ट चेक स्टोरी की। यह स्टोरी फेसबुक पर वायरल एक पोस्ट पर थी जिसमें आइसक्रीम वेंडर की तस्वीर का इस्तेमाल इस दावे के साथ किया गया था, ‘गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले #राकेश (#दलित) को #जयश्रीराम ना कहने पर #मुसलमान समझकर #भगवागुंडों ने मारा पीटा।’

विश्वास टीम के सदस्य ने इस फेसबुक पोस्ट में किए गए फर्जी दावे का खुलासा किया और सही तथ्यों पर आधारित स्टोरी पब्लिश की। बाद में, विश्वास टीम के दूसरे सदस्य (इम्प्लॉई आईडी- PN0046) ने इसी यूजर की पोस्ट को फेसबुक पर रेट कर किया।

यहां नीचे उस स्टोरी का लिंक दिया गया है जिसे टीम ने फेसबुक यूजर के फर्जी दावे की पड़ताल और उसका खुलासा करते हुए प्रकाशित किया था-

https://www.vishvasnews.com/society/fact-check-ice-cream-vendors-image-viral-with-fake-claim/

बाद में टीम के दूसरे सदस्य (इम्प्लॉई आईडी- PN0046)ने पाया कि फेसबुक पर दूसरे यूजर्स भी इसी तस्वीर को वैसे ही दावे के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच गलती से उन्होंने एक ऐसी पोस्ट को रेट कर दिया जिसमें इसी तस्वीर का इस्तेमाल था, लेकिन जिसका विवरण सही था और इसमें लिखा था, ”गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले को मारा पीटा पैसे छीनने का आरोप”। फेसबुक पेज के मालिक ने इस मामले को हमारे साथ साझा किया। हमने गाइडलाइंस और हमारी सुधार नीति के मुताबिक, पोस्ट की रेटिंग में जरूरी बदलाव किए।

4: 29 जुलाई, 2018

विश्वास न्यूज ने यह नोटिस किया कि 29 जुलाई रात 8:30 पर विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक नोटिस किया। इसके जांच के दौरान पता चला कि विश्वास टीम के एक सदस्य (इम्प्लॉई आईडी- PN0043)ने गलती से हमारी अपनी ही खबर को फेसबुक डैशबोर्ड पर रेट कर दिया था। उन्होंने विश्वास न्यूज के फैक्ट चेक रिफ्रेंस आर्टिकल को ही इस रेटिंग से संबंधित कैटेगरी में सबमिट कर दिया। यही वजह रही कि विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर स्ट्राइक नोटिस किया गया। बाद में, उन्होंने इस रेटिंग में जरूरी सुधार किए।

यहां उस स्टोरी का लिंक दिया गया है जिसे गलती से ‘फॉल्स’ रेटिंग दे दी गई थी-

https://www.vishvasnews.com/health/fact-check-post-claiming-caripill-cures-dengue-in-48-hours-is-misleading-2/

5: अगस्त, 2019

अपने इंटरनल ऑडिट में हमने पाया कि इन स्टोरी में फिजिकल वेरिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। यह मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के उल्लंघन का मामला था, क्योंकि टीम को गाइडलाइंस फॉलो करनी चाहिए। बाद में इन सारी स्टोरी में जरूरी सुधार किए गए। इन स्टोरी की लेखिका, रमा सोलंकी को इसी वजह से विश्वास टीम से हटा दिया गया है।

जिन स्टोरी में फिजिकल वेरिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया को पालन नहीं किया गया था उन सभी का लिंक यहां दिया गया है-

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-the-banner-in-the-viral-image-is-photoshoped/

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-rahul-gandhi-not-forget-madhya-pradesh-cm-name-in-neemuch-rally-viral-video-is-edited/

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-old-photo-to-subhash-chandra-boses-inked-statue-is-going-viral/

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-in-real-picture-narendra-modi-is-there-not-rahul-gandhi-viral-picture-is-edited-and-fake/

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-video-of-2017-not-after-the-lok-sabha-elections-viral-video-is-outdated-and-it-is-spreading-in-the-wrong-context/

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-arvind-kejriwals-sloganeering-of-victory-does-not-take-place-during-the-india-pak-cricket-match-viral-video-is-old/

6: 16 सितंबर, 2019

विश्वास न्यूज को टीम के एक सदस्य (इम्प्लॉई आईडी- PN0041) की स्टोरी पर क्लेम मिला। यह स्टोरी 14 सितंबर को की गई थी। इस स्टोरी का लिंक यहां दिया गया है- https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-fake-tweet-of-congress-claiming-about-unemployment-in-auto-sector-being-viral-on-social-media/

इस स्टोरी पर विश्वास न्यूज को फेसबुक पेज ‘Fir Ek Bar Modi Sarkar’ के एडमिन की तरफ से एक मेल मिला। इस पेज के एडमिन ने दावा किया कि उनके पोस्ट पर विश्वास न्यूज की तरफ से दी गई रेटिंग सही नहीं है। इस स्टोरी के लेखक ने यूथ कांग्रेस से जरूरी कोट नहीं लिया था। IFCN की गाइडलाइंस और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के मुताबिक, विश्वास न्यूज ने इस स्टोरी में जरूरी सुधार किए। साथ ही, इस फेसबुक पोस्ट की रेटिंग को ‘फॉल्स’ से ‘ट्रू’ किया गया।

7: जनवरी 16, 2020

6 जनवरी को फैक्ट चेक टीम की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) ने बुशफायर की तीव्रता को दर्शाने वाली ऑस्ट्रेलिया के मैप की वायरल 3डी तस्वीर पर फैक्ट चेक स्टोरी की थी। यह तस्वीर इस फर्जी दावे के साथ वायरल हो रही थी कि इसे नासा की सैटलाइट से लिया गया है। उमम नूर ने सारी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए ठीक तरह से पड़ताल की। इस क्रम में 3डी तस्वीर बनाने वाले शख्स का बयान भी लिया गया जिन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि नासा के बुशफायर डाटा का इस्तेमाल कर तस्वीर बनाई गई है। यहां नीचे विश्वास न्यूज की स्टोरी का यूआरएल दिया गया है।

https://www.vishvasnews.com/world/fact-check-australia-bush-fire-viral-image-does-not-shared-by-nasa-but-is-graphic-image-which-is-being-circulated-with-fake-claim/

विश्वास न्यूज थर्ड पार्टी फैक्ट चेक पार्टनर के रूप में फेसबुक के साथ काम करता है। अगर वायरल पोस्ट फेसबुक पर है तो विश्वास न्यूज अपनी फैक्ट चेक स्टोरी के आधार पर पोस्ट को- फर्जी, सच, भ्रामक, तीन तरह की रेटिंग देता है। फेसबुक पर पोस्ट को रेट करने के लिए अलग से गाइडलाइन है। अक्सर ऐसी तस्वीरें आती हैं जो सही होती हैं लेकिन उनके साथ किया जा रहा दावा या तो फर्जी होता है या भ्रामक। कई बार तस्वीर और दावा, दोनों ही गलत होते हैं। ऐसे मामलों में विश्वास न्यूज या तो ‘On single post’ या ‘identical content’ के हिसाब से रेट करता है। ऊपर की गई स्टोरी में फेसबुक पोस्ट में लगाई गई तस्वीर बिल्कुल सही थी लेकिन इसके साथ किया गया दावा गलत था। इस बात का जिक्र फैक्ट चेक स्टोरी में भी उचित तरीके से किया गया। हालांकि स्टोरी रेटिंग की प्रक्रिया के दौरान उमम नूर ने इसे ‘identical content’ के रूप में मार्क कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ फेसबुक यूजर्स को तस्वीर के साथ सही दावा पोस्ट करने के बावजूद फेक तस्वीर, जिसे इंडिपेंडेंट फैक्ट चेकर ने फैक्ट चेक किया है, का मैसेज मिला। फैक्ट चेक की गई स्टोरी में शामिल किए गए यूजर द्वारा अपने फेसबुक पोस्ट डिलीट कर देने की वजह से तकनीकी समस्या खड़ी हुई और विश्वास न्यूज अपनी रेटिंग को सही नहीं कर पाया। इस तकनीकी समस्या को ठीक होने में एक हफ्ते का समय लगा और इसे 15 जनवरी को ठीक किया गया।

विश्वास न्यूज को इस ‘identical content’ इशू की वजह से अलग-अलग फेसबुक यूजर्स की तरफ से अपील के 13 मेल मिले। इन सभी यूजर्स ने सही व्याख्या के साथ तस्वीर का इस्तेमाल किया था लेकिन तकनीकी समस्या की वजह से उन्हें ‘फेक तस्वीर’ का मैसेज मिला। विश्वास न्यूज ने सभी यूजर्स से मेल पर अलग-अलग संपर्क किया और उन्हें 9 जनवरी को हुई इस समस्या की जानकारी दी गई। एक बार जब मामला सुलझ गया तो विश्वास न्यूज ने फिर इन सारे यूजर्स को इसकी पुष्टि करते हुए मेल किया।

फेसबुक पोस्ट को गलत ऑप्शन पर रेट करने वाली विश्वास न्यूज की सदस्य (एंप्लॉई आईडी PN0058) से इस मामले में आधिकारिक मेल में जवाब मांगा गया। उन्हें ये बताने को कहा गया कि आखिर ये कैसे हुआ। उनका जवाब मिलने के बाद गाइडलाइंस और पॉलिसी के मुताबिक उनके खिलाफ जरूरी कदम उठाया गया।   

8: मई 7, 2020
विश्वास न्यूज के एक अन्य सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0058) ने वायरल हो रहे एक वीडियो पर स्टोरी की. जिसमें दावा किया गया था कि ये ऋषि कपूर का आखिरी वीडियो है. वीडियो में अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवा के गाने को कपूर सुन रहे थे और उसकी तारीफ कर रहे थे. जब सबसे पहले ये स्टोरी की गई तो टीम के पहले सदस्य   (एम्पलॉय आईडी PN0043) ने फेसबुक डैशबोर्ड पर इसे ‘वीडियो ओनली’ (सिर्फ वीडियो) के साथ रेट किया. बाद में इस रेटिंग को ‘वीडियो विद टैक्स्ट टुगेदर’ (वीडियो और साथ में लिखा टैक्स्ट) के ऑप्शन के साथ बदला गया.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-no-this-not-the-last-video-of-rishi-kapoor-viral-claim-is-fake/

9: मई 26, 2020
इस स्टोरी में विश्वास न्यूज को एक अपील की गई, जिसमें यूजर का कहना था कि उसने फेसबुक पेज पर की गई अपनी पोस्ट में सुधार कर लिए हैं. हमारी तय प्रक्रिया और निर्देशों का पालन करते हुए टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0041) ने 26 मई को स्टोरी रेटिंग में बदलाव किए.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-in-this-old-viral-video-an-imposter-is-being-thrashed-by-locals/

10: मई 31, 2020
हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई एक स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-nepals-old-photo-goes-viral-in-the-name-of-india-this-photo-has-no-relation-with-lockdown/  

11: मई 31, 2020
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0046) ने इस स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.

https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-no-labour-ministry-is-not-giving-rs-1-2-lakh-to-labourers-who-worked-between-1990-2020/

12: मई 31, 2020
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0059) ने इन स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-no-who-didnt-warn-against-consuming-cabbage-to-prevent-covid-19/
https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-no-mustard-oil-cannot-cure-coronavirus-however-it-has-certain-health-benefits/
https://www.vishvasnews.com/english/health/fact-check-who-didnt-issue-proposal-for-extending-lockdowns-to-control-covid-19-fake-post-getting-viral-2/

13: मई 31, 2020
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0058) ने इन स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी. ये स्टोरी उर्दू में थी. मूल स्टोरी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0059) द्वारा की गई थी.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-no-report-claims-that-cabbage-can-absorb-coronavirus-for-30-hour/
स्टोरी उर्दू में की गई थी. मूल स्टोरी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) द्वारा की गई थी.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-nepals-old-photo-goes-viral-claimed-as-india-photo-but-this-viral-picture-has-no-relation-with-india-or-lockdown/
स्टोरी उर्दू में की गई थी. मूल स्टोरी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0041) द्वारा की गई थी.
https://www.vishvasnews.com/urdu/politics/fact-check-gargle-with-saline-water-or-vinegar-can-not-cure-coronavirus-viral-claim-is-fake/

14: जून 4, 2020
विश्वास न्यूज के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) द्वारा की गई स्टोरी में कांग्रेस विधायक को पार्टी से सस्पेंड किया जाना लिखा गया था, जो कि सही नहीं था. गलती सामने आने पर उस स्टोरी में सही जानकारी शामिल की गई और इस संबंध में डिस्क्लेमर भी शामिल किया गया.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-aditi-singh-a-suspeneded-mla-from-congress-did-not-join-bjp-with-5-mlas-viral-post-is-fake/

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